ट्रंप के बातचीत के दावे के बीच ईरान ने इजराइल और अरब देशों को निशाना बनाया

दुबई, 24 मार्च (Agency)। मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच ईरान ने मंगलवार को इजराइल और खाड़ी के अरब देशों को निशाना बनाकर हमले जारी रखे। इस दौरान एक मिसाइल तेल अवीव के मध्य में स्थित एक सड़क पर गिरी, जिससे आसपास की इमारतों को नुकसान पहुंचा और चार लोग मामूली रूप से घायल हो गए।

इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका युद्ध समाप्त करने के लिए ईरान के साथ बातचीत कर रहा है। हालांकि, ईरान ने किसी भी प्रकार की वार्ता होने से इनकार किया है, जिससे इस मुद्दे पर विवाद की स्थिति बनी हुई है।

ट्रंप ने ईरान को दी गई समयसीमा भी बढ़ा दी है, जिसके तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को जहाजों के लिए नहीं खोलने पर ईरान के बिजली संयंत्रों को निशाना बनाने की चेतावनी दी गई थी। इस समयसीमा के बढ़ने से वैश्विक बाजारों में कुछ राहत देखी गई और तेल की कीमतों में अस्थायी गिरावट दर्ज की गई।

ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर कलिबफ ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि अमेरिका के साथ किसी भी प्रकार की वार्ता नहीं हुई है और फर्जी खबरों का इस्तेमाल वित्तीय तथा तेल बाजारों में हेरफेर के लिए किया जा रहा है।

वहीं, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि अमेरिका द्वारा युद्धविराम पर विचार किए जाने के बावजूद इजराइल ईरान और लेबनान में हमले जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में और हमले किए जाएंगे।

इजराइल ने लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर बमबारी की, जिसमें एक आवासीय इमारत को नुकसान पहुंचा और कम से कम दो लोगों की मौत हो गई। इजराइल का कहना है कि उसने ईरान समर्थित संगठन हिजबुल्ला से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया।

खाड़ी क्षेत्र के अन्य देशों में भी तनाव का असर देखा गया। कुवैत में हवाई रक्षा प्रणाली के छर्रों से बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त होने के कारण कई घंटों तक आंशिक बिजली कटौती रही, जबकि बहरीन में मिसाइल हमले की आशंका के चलते अलर्ट सायरन बजाए गए। वहीं सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उसने तेल समृद्ध पूर्वी प्रांत को निशाना बना रहे 19 ईरानी ड्रोन को मार गिराया।

तेल बाजार पर भी इस संघर्ष का बड़ा असर पड़ा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत सुबह के कारोबार में फिर से 104 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, जो 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू होने के बाद से 40 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि को दर्शाती है।

इस बीच, ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार संघर्ष में मरने वाले उसके नागरिकों की संख्या 1,500 से अधिक हो गई है, जबकि ईरानी हमलों में इजराइल में 15 लोगों और 13 अमेरिकी सैन्य कर्मियों की मौत हुई है।

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