लखनऊ, 2026। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों से देश में बीमा क्षेत्र को नई गति मिल रही है। उन्होंने भारतीय जीवन बीमा निगम को देश की अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ बताते हुए कहा कि यह संस्था आमजन को आर्थिक सुरक्षा देने के साथ राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
यह बात उन्होंने आगरा के फतेहाबाद रोड स्थित होटल ग्राण्ड मरक्यूर में आयोजित भारतीय जीवन बीमा निगम के विकास अधिकारियों के संगठन नेशनल फेडरेशन ऑफ इंश्योरेंस फील्ड वर्कर्स ऑफ इंडिया के उत्तर मध्य क्षेत्रीय द्विवर्षीय आमसभा/वार्षिक सम्मेलन के दूसरे दिन मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कही।
उपमुख्यमंत्री ने विकास अधिकारियों को संस्था की रीढ़ बताते हुए कहा कि उनके समर्पण और मेहनत से एलआईसी लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार वित्तीय समावेशन और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री जनधन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुरक्षा का लाभ पहुंचाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार विकास अधिकारियों की समस्याओं के समाधान के प्रति संवेदनशील है और उनके हितों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। साथ ही उन्होंने बीमा क्षेत्र में डिजिटल तकनीक के विस्तार, पारदर्शिता बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों में बीमा जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम में संगठन के राष्ट्रीय महासचिव विवेक सिंह ने उपमुख्यमंत्री का स्वागत किया और संगठन की गतिविधियों पर प्रकाश डाला। इस दौरान उपमुख्यमंत्री को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
सम्मेलन में उत्तर मध्य क्षेत्र (उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड) की 225 शाखाओं से 600 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। वाराणसी, गोरखपुर, कानपुर, देहरादून, मेरठ और लखनऊ सहित 12 डिवीजनों की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को सफल बनाया।
इस अवसर पर विधान परिषद सदस्य विजय शिवहरे, विधायक भगवान सिंह कुशवाहा, डॉ. जी.एस. धर्मेश, प्रशांत पोनिया, राजकुमार गुप्ता सहित अन्य गणमान्य नागरिक और एलआईसी परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।
देशभर से संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों की मौजूदगी ने इस आमसभा को विशेष महत्व दिया, जिसमें ऑल इंडिया प्रेसिडेंट विनय बाबू, सेक्रेटरी जनरल विवेक सिंह और अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।
