भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह का निधन, अलीगढ़ में अंतिम संस्कार

अलीगढ़/नोएडा, 27 फरवरी। भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह का शुक्रवार तड़के लंबी बीमारी के बाद ग्रेटर नोएडा के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। परिवार के सूत्रों के अनुसार 58 वर्षीय खानचंद सिंह लिवर कैंसर से जूझ रहे थे और पिछले कुछ दिनों से उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी।

अस्पताल प्रशासन के मुताबिक उन्हें 21 फरवरी को भर्ती कराया गया था और तब से वे वेंटिलेटर पर जीवन रक्षक प्रणाली के सहारे उपचाराधीन थे। चिकित्सकों के अनुसार स्वास्थ्य में लगातार गिरावट के बाद शुक्रवार तड़के उन्होंने अंतिम सांस ली।

खानचंद सिंह के निधन की खबर से खेल जगत और अलीगढ़ क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। उनका अंतिम संस्कार शुक्रवार दोपहर अलीगढ़ के महुआ खेड़ा क्षेत्र स्थित श्मशान घाट पर किया गया। इस दौरान रिंकू सिंह अपने भाइयों के साथ पिता की अर्थी को कंधा देते हुए भावुक नजर आए।

परिवार के करीबी लोगों ने बताया कि खानचंद सिंह साधारण पृष्ठभूमि से थे और गैस सिलेंडर आपूर्ति का कार्य कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने अपने पुत्र के क्रिकेटर बनने के सपने को पूरा करने के लिए हरसंभव प्रयास किया। स्थानीय लोगों के अनुसार उन्होंने संघर्ष और परिश्रम से अपने बच्चों को शिक्षा दिलाई और खेल के प्रति रिंकू के जुनून को हमेशा प्रोत्साहित किया।

रिंकू सिंह के पूर्व कोच मसूद अमिनी ने बताया कि खानचंद सिंह लंबे समय से अस्वस्थ थे और पिछले कुछ दिनों से उनकी हालत अत्यंत नाजुक थी। उन्होंने कहा कि रिंकू की सफलता के पीछे उनके पिता का अथक परिश्रम और त्याग रहा है।

परिवार की परिस्थितियों को देखते हुए रिंकू सिंह कुछ समय पहले अपने पिता की गंभीर स्थिति के कारण अंतरराष्ट्रीय दायित्वों से लौटकर घर आए थे। बाद में वे टीम के साथ जुड़ गए थे, लेकिन पिता की तबीयत लगातार बिगड़ती रही।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समाज के विभिन्न वर्गों ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। क्षेत्रीय विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों ने अंतिम संस्कार में शामिल होकर श्रद्धांजलि अर्पित की।

अलीगढ़ के निवासी रिंकू सिंह ने सीमित संसाधनों के बावजूद क्रिकेट में अपनी पहचान बनाई है। परिवार की सादगी और संघर्ष की कहानी उनके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। खानचंद सिंह को परिवार का आधार स्तंभ माना जाता था, जिनके मार्गदर्शन और समर्थन ने रिंकू को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने की प्रेरणा दी।

परिवार ने अपील की है कि इस कठिन समय में उन्हें निजता दी जाए। खानचंद सिंह के निधन को एक ऐसे पिता के रूप में याद किया जा रहा है जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी अपने बच्चों के सपनों को प्राथमिकता दी और उन्हें आगे बढ़ने का हौसला दिया।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *