भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से कृषि क्षेत्र पर संकट : अखिलेश यादव

लखनऊ, 11 फरवरी (Agency)। समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को किसानों और गरीबों के लिए नुकसानदेह करार देते हुए कहा कि इससे देश के कृषि क्षेत्र पर गंभीर संकट पैदा हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार सबसे अधिक आबादी को रोजगार देने वाले खेती-किसानी क्षेत्र को ही कमजोर करने की दिशा में कदम उठा रही है।

उत्तर प्रदेश सरकार के वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर प्रतिक्रिया देने के लिए आयोजित प्रेस वार्ता में यादव ने कहा, “अमेरिका से व्यापार समझौते के बाद हमारी अर्थव्यवस्था में सबसे बड़ी चोट अगर किसी को लगेगी तो वह हमारे किसान और गरीब होंगे। भारत की 60 से 70 प्रतिशत गरीब आबादी खेती पर निर्भर है, सरकार उसी क्षेत्र को संकट में डाल रही है।”

उन्होंने कहा कि मीडिया में आ रही खबरों के अनुसार अमेरिका से बड़े पैमाने पर कृषि उत्पाद भारत लाए जा सकते हैं। “अगर हम अमेरिका के साथ 500 अरब डॉलर का कारोबार करते हैं तो ‘मेक इन इंडिया’ का क्या होगा? हमारे कृषि क्षेत्र और घरेलू उद्योगों पर इसका क्या असर पड़ेगा?” उन्होंने सवाल उठाया।

सपा प्रमुख ने कहा कि सरकार स्पष्ट करे कि किन-किन उत्पादों को भारतीय बाजार में प्रवेश दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ संबंध मजबूत हों, लेकिन देश का बाजार पूरी तरह विदेशी उत्पादों के हवाले नहीं किया जाना चाहिए। “हमने पहले ही चीन को बड़े पैमाने पर अपना बाजार दे दिया है। भाजपा ने विदेश नीति को उलझा दिया है,” उन्होंने आरोप लगाया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा एमएसएमई क्षेत्र को लेकर दिए गए बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए यादव ने कहा कि नए व्यापार समझौते का असर किसानों के बाद सबसे अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) पर पड़ेगा। “उत्तर प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई इकाइयां हैं, जिनमें से 82 लाख पंजीकृत नहीं हैं। ऐसे में सरकारी योजनाओं का लाभ वहां तक कैसे पहुंचेगा?” उन्होंने पूछा।

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा व्यापार समझौते को लेकर लगाए गए आरोपों पर यादव ने कहा कि यह गंभीर विषय है और भारत को संतुलित नीति अपनानी चाहिए ताकि अंतरराष्ट्रीय संबंध भी मजबूत रहें और घरेलू बाजार भी सुरक्षित रहे।

यादव ने वाराणसी के मणिकर्णिका घाट के सौंदर्यीकरण के नाम पर हुए ध्वस्तीकरण कार्य का जिक्र करते हुए भाजपा पर धार्मिक आस्थाओं के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व की वस्तुओं और स्थलों को नुकसान पहुंचाया गया।

वाराणसी के दाल मंडी क्षेत्र में चल रहे ध्वस्तीकरण अभियान पर उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई सांप्रदायिक राजनीति से प्रेरित है। “दाल मंडी को जानबूझकर तोड़ा जा रहा है। वहां के लोगों को हटाया जा रहा है। यह सब वोट की राजनीति के लिए हो रहा है,” उन्होंने कहा।

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवाद का उल्लेख करते हुए यादव ने भाजपा पर सनातन परंपराओं के सम्मान में कमी का आरोप लगाया।

मुख्यमंत्री की ‘कयामत’ संबंधी टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि प्रदेश की मौजूदा सरकार हर मुद्दे को गलत दिशा में ले जा रही है।

अखिलेश यादव ने कहा कि जनता को भावनात्मक नारों से नहीं, बल्कि ठोस आर्थिक नीतियों से जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाजवादी विचारधारा ही देश को खुशहाली की दिशा में ले जा सकती है और जनता को सरकार के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठानी चाहिए।

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