भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम चरण में, द्विपक्षीय संबंधों में नये दौर की शुरुआत होगी : जयशंकर

नयी दिल्ली, 5 फरवरी (एजेंसी)। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत और अमेरिका के बीच एक ‘‘ऐतिहासिक’’ व्यापार समझौता अंतिम चरण में है और इसके विवरण को बहुत जल्द अंतिम रूप दे दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह समझौता दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में एक नये दौर की शुरुआत करेगा।

जयशंकर ने यह बात अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ वाशिंगटन डीसी में हुई व्यापक वार्ता के बाद कही। यह बातचीत अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच हाल में हुई फोन वार्ता के बाद हुई, जिसमें व्यापार समझौते के तहत भारतीय वस्तुओं पर अमेरिकी शुल्क 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने की घोषणा की गई थी।

विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया पर साझा संदेश में अपनी अमेरिका यात्रा को ‘‘सार्थक’’ और ‘‘सकारात्मक’’ बताया। उन्होंने कहा,
“भारत-अमेरिका के बीच ऐतिहासिक व्यापार समझौता अंतिम चरण में है और इसके विवरण को शीघ्र ही पूरा कर लिया जाएगा। यह हमारे द्विपक्षीय संबंधों में एक नये अध्याय की शुरुआत करेगा और अपार संभावनाओं के द्वार खोलेगा।”

जयशंकर ने कहा कि महत्वपूर्ण खनिजों से जुड़े सहयोग में भी तेजी आई है और आने वाले दिनों में रणनीतिक मुद्दों, रक्षा तथा ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग और गहरा होने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा, “कुल मिलाकर, संबंधों में एक मजबूत गति स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है।”

हालांकि रूस से कच्चे तेल की खरीद को लेकर भारत पर लगाए गए 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क को हटाने सहित अमेरिकी टैरिफ में कमी की पुष्टि को छोड़ दें, तो व्यापार समझौते के अन्य ठोस विवरण अभी सामने नहीं आए हैं।

उल्लेखनीय है कि भारत-अमेरिका संबंध उस समय असहज हो गए थे, जब ट्रंप प्रशासन ने भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया था। इसमें रूस से कच्चे तेल की खरीद पर लगाया गया 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क भी शामिल था। इसके अलावा, अमेरिका की नई आव्रजन नीति और भारत-पाकिस्तान तनाव को लेकर ट्रंप के बयानों के चलते भी दोनों देशों के संबंधों में खटास आई थी।

मोदी से फोन पर हुई बातचीत के बाद ट्रंप ने दावा किया था कि भारत रूस से तेल खरीदना बंद करने और अमेरिका तथा वेनेजुएला से अधिक तेल खरीदने पर सहमत हो गया है।

इस पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि 1.4 अरब भारतीयों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा, “बाजार की वस्तुनिष्ठ परिस्थितियों और बदलते अंतरराष्ट्रीय परिदृश्यों के अनुरूप ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाना हमारी रणनीति का मूल आधार है।”

जायसवाल ने वेनेजुएला के साथ भारत के दीर्घकालिक ऊर्जा संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रतिबंधों के कारण आयात प्रभावित हुआ, लेकिन भारत ऊर्जा सुरक्षा के तहत सभी संभावित व्यावसायिक विकल्पों पर विचार करता रहेगा।

भारतीय वस्तुओं पर अमेरिकी टैरिफ को लेकर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया है कि भारत में निर्मित उत्पादों का निर्यात अब अमेरिका को 18 प्रतिशत के कम शुल्क पर किया जाएगा।
उन्होंने कहा, “यह व्यापार समझौता भारत के निर्यात, श्रम-प्रधान उद्योगों, रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को बड़ा बढ़ावा देगा।”

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