भारत, अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा पर सहमत, भारतीय निर्यातकों के लिए 30,000 अरब डॉलर का बाजार खुलेगा

नयी दिल्ली/वाशिंगटन, सात फरवरी – भारत और अमेरिका ने शनिवार को एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा पर सहमति बनने की घोषणा की, जिसके तहत दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए कई वस्तुओं पर आयात शुल्क कम करेंगे।

संयुक्त बयान के अनुसार, अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर शुल्क को मौजूदा 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करेगा, जबकि भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं और अमेरिकी खाद्य एवं कृषि उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला पर आयात शुल्क समाप्त या कम करेगा। इनमें सूखे अनाज, पशु आहार के लिए लाल ज्वार, मेवे, ताजे और प्रसंस्कृत फल, सोयाबीन तेल, शराब और स्पिरिट शामिल हैं।

भारत ने अगले पांच वर्षों में 500 अरब डॉलर के अमेरिकी ऊर्जा उत्पादों, विमान एवं उनके कलपुर्जों, कीमती धातुओं, प्रौद्योगिकी उत्पादों और कोकिंग कोयले की खरीद का इरादा भी जताया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह अंतरिम व्यापार समझौता किसानों और उद्यमियों के लिए नए अवसर खोलेगा, ‘मेक इन इंडिया’ को मजबूती देगा तथा महिलाओं और युवाओं के लिए रोजगार सृजित करेगा।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि इस समझौते से भारतीय निर्यातकों, विशेषकर सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई), किसानों और मछुआरों के लिए लगभग 30,000 अरब अमेरिकी डॉलर का बाजार खुलेगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश के माध्यम से भारत पर रूसी तेल आयात को लेकर लगाए गए 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क को भी समाप्त कर दिया है। भारत ने रूस से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से तेल आयात बंद करने की प्रतिबद्धता जताई है।

शुल्क में कटौती से वस्त्र एवं परिधान, चमड़ा, जूते, प्लास्टिक, रबर, जैविक रसायन, गृह सज्जा और हस्तशिल्प जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, जेनेरिक दवाइयों, रत्न एवं हीरों तथा विमान कलपुर्जों पर शुल्क शून्य हो जाएगा।

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (यूएसटीआर) ने कहा कि इस समझौते से अमेरिकी किसानों और उत्पादकों को दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक तक बेहतर पहुंच मिलेगी।

संयुक्त बयान में कहा गया कि दोनों देश इस रूपरेखा को शीघ्र लागू करेंगे और इसे एक पूर्ण कानूनी द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) में बदलने की दिशा में काम करेंगे, जिस पर मार्च के मध्य तक हस्ताक्षर होने की उम्मीद है।

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