अगले विधानसभा चुनाव में सपा 2017 की स्थिति में पहुंच जाएगी: ओमप्रकाश राजभर

आजमगढ़, 22 फरवरी (RNN): उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा-नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सहयोगी दल सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और प्रदेश सरकार में पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने रविवार को दावा किया कि अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) की हालत वर्ष 2017 जैसी हो जाएगी।

राजभर आजमगढ़ जिले के अहरौला विकास खंड स्थित टिकुरिया मैदान में महाराजा सुहेलदेव जयंती के अवसर पर आयोजित समरसता महारैली को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार इस रैली में भारी जनसमूह उमड़ा है, वह इस बात का संकेत है कि आजमगढ़ की राजनीति अब एक नए मोड़ पर पहुंच चुकी है।

सुभासपा प्रमुख ने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर दावा किया कि राजग आजमगढ़ जिले की सभी 10 विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज करेगा। उन्होंने कहा कि सपा ने 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ गठबंधन कर 403 सदस्यीय विधानसभा में चुनाव लड़ा था, लेकिन उसे केवल 47 सीटों पर ही सफलता मिली थी। राजभर के अनुसार, आगामी चुनाव में भी सपा की स्थिति वैसी ही कमजोर होने वाली है।

गौरतलब है कि 2022 के विधानसभा चुनाव में आजमगढ़ की सभी 10 सीटों पर सपा ने जीत हासिल की थी और उस समय सुभासपा भी उसके गठबंधन का हिस्सा थी। हालांकि चुनाव के कुछ समय बाद ही ओमप्रकाश राजभर ने सपा से नाता तोड़ लिया और भाजपा-नीत राजग में शामिल हो गए। राजभर पहले भी 2017 में राजग के साथ चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन बाद में उन्होंने गठबंधन से अलग होने का फैसला किया था।

राजभर ने अपने भाषण में पिछड़ा वर्ग आरक्षण का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक आरक्षण का लाभ कुछ सीमित जातियों तक ही सिमट कर रह गया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही आरक्षण को सात, नौ और 11 प्रतिशत के तीन वर्गों में विभाजित कर रोहिणी आयोग की रिपोर्ट लागू की जाएगी। उनके मुताबिक यह कदम सामाजिक न्याय की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल साबित होगा।

सुभासपा ने इस रैली के जरिए ब्राह्मण समाज को भी अपने साथ जोड़ने का प्रयास किया। राजभर ने दावा किया कि रैली में 10 हजार ब्राह्मणों की भागीदारी का लक्ष्य रखा गया था और बड़ी संख्या में प्रबुद्ध वर्ग की मौजूदगी यह दर्शाती है कि सपा का प्रभाव तेजी से घट रहा है।

हालांकि रैली के दौरान सुभासपा के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता और ओमप्रकाश राजभर के पुत्र अरुण राजभर ने भाजपा सरकार के ही श्रम मंत्री अनिल राजभर पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें समाज का ‘कालनेमी’ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि रैली में आने वाले समर्थकों की गाड़ियों को रोका गया और प्रशासनिक स्तर पर दबाव बनाया गया।

रैली में मौजूद प्रदेश के परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दया शंकर सिंह ने कहा कि आयोजन की सफलता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि क्षेत्र में 12 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। उन्होंने दावा किया कि सपा के गढ़ में इस तरह का आयोजन उसके राजनीतिक किले को ढहाने की शुरुआत है और 2027 के चुनाव में यह किला पूरी तरह ध्वस्त हो जाएगा।

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