लखनऊ जंक्शन के शताब्दी समारोह पर विरासत प्रदर्शनी, 102 साल पुराना भाप इंजन आकर्षण का केंद्र

लखनऊ, 9 मार्च (RNN। उत्तर प्रदेश में लखनऊ जंक्शन रेलवे स्टेशन के शताब्दी समारोह के अवसर पर आयोजित विरासत प्रदर्शनी में मीटर-गेज युग की दुर्लभ रेलवे कलाकृतियां, पुराने सिग्नलिंग उपकरण और 102 साल पुराना नैरो गेज स्टीम लोकोमोटिव आगंतुकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बने हुए हैं।

दशकों पहले रेलवे परिचालन में इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरणों और अभिलेखीय वस्तुओं की इस प्रदर्शनी में उस दौर के मानव कौशल और शिल्प कौशल की झलक देखने को मिलती है, जिनकी मदद से रेलवे सेवाएं संचालित की जाती थीं।

पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल के मंडल रेल प्रबंधक गौरव अग्रवाल ने कहा कि प्रदर्शनी भारतीय रेलवे की समृद्ध विरासत और अतीत में रेलवे संचालन को संचालित करने वाले उल्लेखनीय मानव कौशल का प्रतिनिधित्व करती है।

उन्होंने कहा कि इतिहास और रेलवे में रुचि रखने वाले लोगों के लिए यह प्रदर्शनी विशेष रूप से दिलचस्प है और उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में आकर इसे देखने का आग्रह किया।

लखनऊ जंक्शन रेलवे स्टेशन की स्थापना के 100 वर्ष (1926-2026) पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस प्रदर्शनी में विरासत फोटो गैलरी, विभागीय स्टॉल और आगंतुकों के लिए टॉय ट्रेन की सवारी की व्यवस्था भी की गई है।

प्रदर्शनी के प्रमुख आकर्षणों में इंजीनियरिंग विभाग द्वारा प्रदर्शित मीटर-गेज काल के इंजीनियरिंग उपकरणों का संग्रह शामिल है। इनमें पुश निरीक्षण ट्रॉली, स्लीपर टोंग, रेल कटर, गेज लेवल उपकरण, फिश प्लेट स्पैनर और कुल्हाड़ी जैसे उपकरण प्रदर्शित किए गए हैं, जो उस समय ट्रैक रखरखाव में इस्तेमाल होने वाली मैनुअल विशेषज्ञता को दर्शाते हैं।

प्रदर्शनी का एक प्रमुख आकर्षण स्टेशन के कैबवे क्षेत्र में स्थापित 102 वर्ष पुराना नैरो गेज स्टीम लोकोमोटिव भी है। इंग्लैंड की जॉन फाउलर एंड कंपनी द्वारा निर्मित यह भाप इंजन वर्ष 1924 से 1982 के बीच महराजगंज जिले में ट्रामवे मोटर ट्रांसपोर्ट योजना के तहत संचालित किया गया था और आज यह भाप युग की इंजीनियरिंग उत्कृष्टता की याद दिलाता है।

मंडल रेल प्रबंधक गौरव अग्रवाल ने बताया कि यह प्रदर्शनी अगले 10 से 12 दिनों तक जारी रहेगी और इस अवधि के दौरान गैर-यात्री आगंतुकों को प्रदर्शनी देखने के लिए प्लेटफॉर्म टिकट खरीदने की आवश्यकता नहीं होगी।

उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी समाप्त होने के बाद विभागीय स्टॉल हटा दिए जाएंगे, जबकि स्टेशन पर स्थापित लगभग एक सदी पुराने भाप इंजन का मॉडल स्थायी रूप से प्रदर्शन पर रहेगा।

उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी की अवधि समाप्त होने के बाद लोकोमोटिव मॉडल देखने आने वाले आगंतुकों को सामान्य नियमों के अनुसार प्लेटफॉर्म टिकट लेना होगा। यह बहुआयामी आयोजन भारतीय रेलवे की नवाचार, लचीलापन और सार्वजनिक सेवा की दीर्घकालिक परंपरा को भी दर्शाता है।

यह प्रदर्शनी आम जनता और रेल यात्रियों, विशेषकर स्कूली बच्चों और इतिहास में रुचि रखने वाले लोगों के लिए खोली गई है।

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