खेल के मैदान से सियासत तक: भारत में राजनीति की पारी खेलने उतरे दिग्गज खिलाड़ी

भारत में राजनीति से जुड़ने वाले खिलाड़ियों पर एक नजर

नयी दिल्ली, 31 मार्च (Agency)। भारत के महान टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस ने तृणमूल कांग्रेस के साथ पांच साल के जुड़ाव के बाद मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का फैसला किया, जिसके बाद राजनीति में आने वाले खिलाड़ियों पर फिर सभी का ध्यान आकर्षित हुआ।

कुछ खिलाड़ी ऊंचे पदों तक पहुंचकर मंत्री बने, जबकि कुछ अन्य को चुनावों में मिले-जुले परिणाम मिले और वे अब भी राजनीति में अपनी जगह बनाने का प्रयास कर रहे हैं। आइए उन प्रमुख खिलाड़ियों पर एक नजर डालते हैं जिन्होंने खेल के मैदान से राजनीति की राह चुनी।

मोहम्मद अजहरुद्दीन :
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन वर्ष 2009 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हुए और उसी वर्ष उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से लोकसभा सदस्य बने। हालांकि 2014 और 2023 के चुनावों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। बाद में उन्हें तेलंगाना में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया, जहां उन्हें सार्वजनिक उपक्रम और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई।

नवजोत सिंह सिद्धू :
पूर्व सलामी बल्लेबाज सिद्धू ने भारतीय जनता पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस सहित कई दलों के साथ काम किया। वह 2004 और 2009 के आम चुनाव जीते, लेकिन 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। फिलहाल वह सक्रिय राजनीति से कुछ समय के लिए दूर हैं।

मंसूर अली खान पटौदी :
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान, जिन्हें ‘टाइगर’ के नाम से जाना जाता था, ने 1971 में ‘विशाल हरियाणा पार्टी’ के बैनर तले राजनीति में कदम रखा, लेकिन गुड़गांव से चुनाव हार गए। 1991 में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर भोपाल से चुनाव लड़ा, पर जीत हासिल नहीं कर सके। वर्ष 2011 में उनका निधन हो गया।

राज्यवर्धन सिंह राठौड़ :
ओलंपिक में भारत के लिए निशानेबाजी का पहला रजत पदक जीतने वाले राठौड़ वर्ष 2013 में भारतीय जनता पार्टी से जुड़े और 2014 तथा 2019 में जयपुर से लोकसभा सदस्य चुने गए। वर्ष 2023 में उन्होंने राज्य की राजनीति का रुख किया और विधानसभा चुनाव जीतकर लोकसभा से इस्तीफा दे दिया।

कर्णी सिंह :
बीकानेर के अंतिम महाराजा कर्णी सिंह वर्ष 1962 में विश्व निशानेबाजी प्रतियोगिता में भारत के पहले पदक विजेता बने। बाद में उन्होंने 1952 से 1977 तक बीकानेर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए लगभग 25 वर्षों तक लोकसभा सदस्य के रूप में कार्य किया। वर्ष 1988 में उनका निधन हो गया।

साइना नेहवाल :
दुनिया की पूर्व नंबर एक बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल वर्ष 2020 में अपनी बहन के साथ भारतीय जनता पार्टी से जुड़ीं, लेकिन उन्होंने अब तक कोई चुनाव नहीं लड़ा है।

गौतम गंभीर :
दो बार की विश्व कप विजेता टीम के सदस्य गौतम गंभीर ने 2019 में भारतीय जनता पार्टी के जरिए राजनीति में प्रवेश किया और पूर्वी दिल्ली से लोकसभा चुनाव जीता। वर्ष 2024 में उन्होंने क्रिकेट कोच की भूमिका निभाने के लिए सक्रिय राजनीति से दूरी बना ली।

कीर्ति आजाद :
1983 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य कीर्ति आजाद ने भारतीय जनता पार्टी से राजनीति की शुरुआत की और बिहार के दरभंगा से चुनाव जीते। बाद में वह 2019 में कांग्रेस और 2021 में तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए तथा पश्चिम बंगाल के बर्धमान-दुर्गापुर क्षेत्र से लोकसभा सदस्य बने।

विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया :
दोनों पहलवान वर्ष 2024 में कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए। इससे पहले उन्होंने भारतीय कुश्ती महासंघ के तत्कालीन प्रमुख बृज भूषण शरण सिंह के खिलाफ आंदोलन किया था। फोगाट ने हरियाणा के जुलाना क्षेत्र से चुनाव जीतकर विधायक का पद संभाला, जबकि पूनिया को अखिल भारतीय किसान कांग्रेस का प्रमुख बनाया गया।

विजेंदर सिंह :
बीजिंग ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाले विजेंदर सिंह ने 2019 में कांग्रेस के जरिए राजनीति में कदम रखा, लेकिन उसी वर्ष चुनाव हार गए। वर्ष 2024 में वह भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए।

बाईचुंग भूटिया :
भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान भूटिया वर्ष 2014 में तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए, लेकिन दार्जिलिंग से चुनाव हार गए। बाद में उन्होंने अपनी पार्टी ‘हमारो सिक्किम’ बनाई, पर चुनावों में खास सफलता नहीं मिली।

एन. बीरेन सिंह :
पूर्व फुटबॉलर बीरेन सिंह ने राजनीति की शुरुआत क्षेत्रीय दल से की और बाद में कांग्रेस तथा भारतीय जनता पार्टी से जुड़े। वर्ष 2017 और 2022 में वह मणिपुर के मुख्यमंत्री बने।

हरभजन सिंह :
भारत के पूर्व स्पिनर हरभजन सिंह वर्ष 2022 में आम आदमी पार्टी से राजनीति में शामिल हुए और बाद में उन्हें राज्यसभा के लिए नामित किया गया।

चेतन चौहान :
पूर्व सलामी बल्लेबाज चेतन चौहान भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए और 1991 तथा 1998 में अमरोहा से सांसद बने। वर्ष 2017 में उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव जीतकर राजनीति में वापसी की। वर्ष 2020 में उनका निधन हो गया।

योगेश्वर दत्त :
लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाले योगेश्वर दत्त वर्ष 2019 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए और अब भी सक्रिय राजनीतिक कार्यकर्ता हैं।

दिलीप टिर्की :
भारत के पूर्व हॉकी कप्तान दिलीप टिर्की वर्ष 2012 में बीजू जनता दल में शामिल हुए और राज्यसभा सदस्य बने, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

कल्याण चौबे :
पूर्व फुटबॉलर कल्याण चौबे वर्ष 2015 में भारतीय जनता पार्टी से जुड़े, लेकिन 2019 और बाद के चुनावों में उन्हें सफलता नहीं मिल सकी।

ज्योतिर्मय सिकदर :
एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली ज्योतिर्मय सिकदर वाम दल से लोकसभा सदस्य रहीं, लेकिन 2009 में चुनाव हार गईं। बाद में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस का समर्थन किया और फिर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गईं।

इस तरह भारत में कई नामचीन खिलाड़ियों ने खेल के मैदान के बाद राजनीति में नई पारी शुरू की है, जहां कुछ ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की, जबकि कुछ अभी भी अपनी राजनीतिक पहचान मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।

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