लखनऊ, चार फरवरी – उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को आवास एवं शहरी नियोजन विभाग की समीक्षा बैठक में वर्षों से लंबित आवासीय और व्यावसायिक आवंटनों के त्वरित निस्तारण के लिए ‘एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस-2026)’ लागू करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय से लंबित देयों और विवादित मामलों के कारण न केवल विकास योजनाओं की प्रगति प्रभावित होती है, बल्कि आम नागरिकों को भी अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसी व्यवस्था लागू करना है, जो तेज, पारदर्शी और सभी के लिए व्यावहारिक हो।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने कहा, “प्रदेश की किसी भी योजना में लंबित भुगतान या विवादित आवंटन राज्य की विकास गति को धीमा करते हैं। इसलिए आवास विभाग को ऐसी समाधान-प्रधान व्यवस्था लागू करनी चाहिए, जिससे विभाग को आवश्यक राजस्व प्राप्त हो और आवंटियों को भी राहत मिले।”
बैठक के दौरान विभाग द्वारा प्रदेश के विभिन्न आवासीय और व्यावसायिक परिसरों में मौजूद बकायेदारों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ओटीएस-2026 को अधिक व्यावहारिक और लाभकारी स्वरूप दिया जाए।
उन्होंने कहा कि योजना के तहत एकमुश्त भुगतान करने वाले आवंटियों को देयों पर उपयुक्त छूट दी जाए, साथ ही किस्तों में भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग योजना का लाभ उठा सकें।
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि योजना के प्रावधानों को अंतिम रूप देते समय इसका मूल उद्देश्य आम नागरिकों को राहत देना होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक आवेदन का निस्तारण निर्धारित समयसीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए।
