सशक्त समन्वय से खाद्य प्रसंस्करण को नई गति, पीएमएफएमई में यूपी अग्रणी

लखनऊ, 01 अप्रैल 2026। उत्तर प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को नई रफ्तार देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय को और मजबूत किया जा रहा है। इसी क्रम में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने नई दिल्ली में केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान से मुलाकात कर प्रदेश में उद्योग विकास, रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर विस्तृत चर्चा की।

बैठक के दौरान उप मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन (PMFME) योजना के तहत उत्तर प्रदेश ने ऋण स्वीकृति और वितरण में देश में अग्रणी स्थान हासिल किया है। उन्होंने इसे पारदर्शी कार्यप्रणाली और लाभार्थी केंद्रित दृष्टिकोण का परिणाम बताया।

ग्रामीण उद्यमिता और रोजगार पर जोर
बैठक में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को और गति देने, अधिक से अधिक लाभार्थियों तक पहुंच सुनिश्चित करने और सूक्ष्म उद्यमियों को तकनीकी व वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने और स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के उपायों पर सकारात्मक चर्चा हुई।

कॉमन इन्क्यूबेशन सेंटर जल्द होंगे तैयार
केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि प्रदेश में कॉमन इन्क्यूबेशन सेंटर तेजी से बनाए जा रहे हैं, जो जल्द ही शुरू होकर उद्यमियों को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और प्रोसेसिंग सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे।

मोबाइल फूड प्रोसेसिंग यूनिट पर विचार
बैठक में पीएमएफएमई योजना के तहत मोबाइल फूड प्रोसेसिंग यूनिट को शामिल करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। इससे दूरस्थ क्षेत्रों के छोटे उद्यमियों को सीधा लाभ मिलेगा और स्थानीय स्तर पर मूल्य संवर्धन बढ़ेगा, जिससे किसानों की आय में भी इजाफा होगा।

महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों को सीड कैपिटल के रूप में 19 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने पर भी विचार किया गया। इससे महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

‘वोकल फॉर लोकल’ को मिलेगा बल
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को साकार करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देकर उत्तर प्रदेश को एक प्रमुख प्रोसेसिंग हब के रूप में विकसित किया जा रहा है।

उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र-राज्य के मजबूत समन्वय से उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल करेगा और किसानों, उद्यमियों तथा स्वयं सहायता समूहों के लिए व्यापक अवसर पैदा होंगे।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *