लखनऊ, 01 अप्रैल 2026 (यूएनएस)। योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में फार्मर रजिस्ट्री को प्राथमिकता के आधार पर लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि हर पात्र किसान का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए और इसके लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएं, ताकि कोई भी किसान इस व्यवस्था से वंचित न रहे।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार फार्मर रजिस्ट्री को एक एकीकृत डिजिटल प्रणाली के रूप में विकसित कर रही है, जिसके माध्यम से किसानों को विभिन्न योजनाओं का लाभ एक ही पहचान के आधार पर आसानी से मिल सकेगा।
योजनाओं का मिलेगा समेकित लाभ
सरकार कृषि विभाग समेत अन्य संबंधित विभागों की सभी लाभार्थीपरक योजनाओं को फार्मर रजिस्ट्री से जोड़ रही है। इसमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और फसल बीमा योजना जैसी प्रमुख योजनाएं भी शामिल हैं। यदि लाभार्थियों के नाम या अभिलेखों में कोई त्रुटि है, तो उसे आधार से लिंक कर प्राथमिकता के आधार पर संशोधित किया जाएगा।
किसान पहचान पत्र होगा अनिवार्य
योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र किसान का किसान पहचान पत्र (Farmer ID) बनाया जाए, जिससे लाभ वितरण में पारदर्शिता आए और पात्रता का सत्यापन सरल हो सके।
1 मई तक पोर्टल, 31 मई तक तैयारी पूरी
कृषि विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वह अपनी सभी योजनाओं को फार्मर रजिस्ट्री से जोड़ने के लिए तकनीकी व्यवस्था तैयार करे और विभागीय पोर्टल को 1 मई तक क्रियाशील बनाए। वहीं, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता और लघु सिंचाई जैसे विभागों को 31 मई तक अपनी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
पारदर्शिता और लक्षित लाभ वितरण पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रणाली के लागू होने से योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से किसानों तक पहुंचेगा और एक ही लाभार्थी को बार-बार लाभ मिलने जैसी समस्याओं पर भी नियंत्रण होगा। साथ ही, विशेष परिस्थितियों में कृषि इनपुट का वितरण अधिक व्यवस्थित ढंग से किया जा सकेगा।
