आबकारी विभाग का रिकॉर्ड प्रदर्शन, 57,722 करोड़ राजस्व के साथ 9.79% की वृद्धि

लखनऊ, 07 अप्रैल 2026। नितिन अग्रवाल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में आबकारी विभाग की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि विभाग ने ₹57,722.26 करोड़ का अब तक का सर्वाधिक वार्षिक राजस्व अर्जित किया है। यह वर्ष 2024-25 के ₹52,573.07 करोड़ के मुकाबले ₹5,149.19 करोड़ (9.79 प्रतिशत) अधिक है।

मंत्री ने बताया कि एथनॉल (पावर अल्कोहल) उत्पादन में लगातार वृद्धि और तकनीकी सुधारों ने राजस्व बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। फरवरी 2026 तक प्रदेश में 20,838.59 लाख लीटर एथनॉल का उत्पादन दर्ज किया गया, जिससे औद्योगिक विकास को भी गति मिली है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2026-27 के लिए विभाग ने ₹71,278 करोड़ का राजस्व लक्ष्य निर्धारित किया है। मदिरा और बीयर की दुकानों के आवंटन में पारदर्शिता लाने के लिए ई-लॉटरी प्रणाली लागू की गई है, जिसके तहत पहले चरण में 25,613 दुकानों का नवीनीकरण और 811 दुकानों का आवंटन किया जा चुका है।

निवेश और उद्योग को बढ़ावा
आबकारी विभाग ने औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न निवेशकों के साथ एमओयू किए हैं। प्रदेश में नई आसवनियों, यवासवनियों और वाइनरी इकाइयों की स्थापना भी प्रगति पर है, जिससे रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है।

अवैध शराब के खिलाफ सख्त कार्रवाई
मंत्री अग्रवाल ने बताया कि अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और तस्करी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए वर्ष 2025-26 में मार्च तक 1,09,077 मामले दर्ज किए गए। इस दौरान 28.08 लाख लीटर अवैध शराब बरामद की गई, 19,935 लोगों को गिरफ्तार किया गया, 3,721 को जेल भेजा गया और 143 वाहनों को जब्त किया गया।

तकनीक से निगरानी मजबूत
राजस्व सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए इंटीग्रेटेड एक्साइज सप्लाई चेन मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया गया है। इसके तहत लाइसेंसिंग, परमिट और आपूर्ति श्रृंखला की प्रक्रियाएं ऑनलाइन की गई हैं। साथ ही जीपीएस ट्रैकिंग, डिजिटल लॉक, सीसीटीवी, क्यूआर कोड और पीओएस मशीनों के जरिए मदिरा की बिक्री और परिवहन पर सख्त निगरानी रखी जा रही है।

मंत्री ने कहा कि विभाग निर्धारित लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है और आने वाले समय में राजस्व वृद्धि का यह सिलसिला जारी रहेगा।

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