नई दिल्ली, 22 फरवरी: भारतीय वायु सेना के लिए 80 सैन्य परिवहन विमान खरीदने की प्रक्रिया तेज होने के बीच ब्राजील की विमानन कंपनी एंब्रेयर ने अपने केसी-390 मिलेनियम विमान को बहुउद्देशीय और आधुनिक विकल्प के रूप में प्रस्तुत किया है। कंपनी का दावा है कि यह विमान नई पीढ़ी की सैन्य आवश्यकताओं के अनुरूप उच्च क्षमता, गति और दक्षता प्रदान करता है।
एंब्रेयर के अध्यक्ष और मुख्य कार्यपालक अधिकारी फ्रांसिस्को गोम्स नेटो ने एक साक्षात्कार में कहा कि केसी-390 परिवहन और हवाई ईंधन भरने की क्षमता वाला उन्नत विमान है, जो 26 टन तक भार वहन कर सकता है। उन्होंने कहा कि यदि भारत इस सौदे को अंतिम रूप देता है, तो कंपनी भारत को एशिया-प्रशांत क्षेत्र के लिए विमान निर्माण का प्रमुख केंद्र बनाने पर विचार करेगी।
कंपनी ने भारत में एक क्षेत्रीय एमआरओ (रखरखाव, मरम्मत और ओवरहॉल) केंद्र स्थापित करने की संभावना भी जताई है, जिससे दीर्घकालिक तकनीकी सहयोग और रक्षा साझेदारी को बढ़ावा मिलेगा। एंब्रेयर ने कहा कि भारत में उत्पादन और रखरखाव सुविधाओं से स्थानीय औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को भी मजबूती मिलेगी।
एंब्रेयर का कहना है कि नाटो के कई सदस्य देशों—जैसे स्वीडन, नीदरलैंड और पुर्तगाल—द्वारा इस विमान को अपनाने से इसकी विश्वसनीयता और वैश्विक स्वीकार्यता बढ़ी है। कंपनी के अनुसार यह विमान लंबे समय से प्रचलित लॉकहीड मार्टिन के परिवहन विमानों के लिए प्रतिस्पर्धी विकल्प के रूप में उभरा है।
नेटो ने कहा कि केसी-390 जेट इंजन से संचालित है, लंबी दूरी तय कर सकता है और परिचालन लागत अपेक्षाकृत कम है। उनके अनुसार कम विमानों के साथ अधिक मिशन पूरे करने की क्षमता इसे रणनीतिक रूप से प्रभावी बनाती है।
एंब्रेयर ने भारत के साथ रक्षा और नागरिक विमानन क्षेत्र में व्यापक सहयोग की योजना भी व्यक्त की है। कंपनी ने अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस के साथ क्षेत्रीय परिवहन विमान कार्यक्रम के तहत ई175 विमान की अंतिम संयोजन लाइन स्थापित करने के लिए विस्तारित समझौता किया है। इस साझेदारी में विमान निर्माण, आपूर्ति श्रृंखला विकास, प्रशिक्षण और रखरखाव सेवाओं पर संयुक्त कार्य शामिल है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत के रक्षा आधुनिकीकरण कार्यक्रम और स्वदेशी विनिर्माण पर बढ़ते जोर के बीच यह प्रस्ताव रणनीतिक महत्व रखता है। यदि यह सौदा आगे बढ़ता है, तो यह भारत और ब्राजील के बीच रक्षा सहयोग को नई दिशा दे सकता है।
भारतीय वायु सेना के लिए नए परिवहन विमानों की खरीद से सामरिक गतिशीलता, मानवीय सहायता अभियानों और आपदा प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करने की उम्मीद है। फिलहाल इस प्रस्ताव पर औपचारिक निर्णय की प्रतीक्षा है।
