एकनाथ शिंदे और स्वयंभू ‘बाबा’ अशोक खरात के बीच 17 बार फोन पर बातचीत हुई : सामाजिक कार्यकर्ता

मुंबई, 3 अप्रैल (UNS) — सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने शुक्रवार को दावा किया कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और दुष्कर्म के आरोपी स्वयंभू ‘बाबा’ अशोक खरात के बीच फोन पर अतीत में कम से कम 17 बार बातचीत हुई थी।

दमानिया ने एक मराठी समाचार चैनल से बातचीत में यह भी दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के कुछ नेताओं ने भी पिछले महीने गिरफ्तार किए गए खरात से फोन पर बातचीत की थी।

इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य के मंत्री उदय सामंत ने कहा कि किसी व्यक्ति को फोन करना कोई अपराध नहीं है। उदय सामंत, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के नेता हैं।

दमानिया ने दावा किया कि उन्हें खरात के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) व्हाट्सएप पर एक अज्ञात नंबर से प्राप्त हुए थे। सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा, “एकनाथ शिंदे और अशोक खरात के बीच 17 बार फोन पर बातचीत हुई थी।” हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि ये फोन कॉल किस अवधि में हुए, लेकिन यह जरूर कहा कि दोनों के बीच सबसे लंबी बातचीत 21 मिनट की थी।

उन्होंने दावा किया कि सीडीआर के अनुसार, खरात ने अपनी पत्नी के बाद सबसे अधिक बातचीत राकांपा नेता रूपाली चाकणकर से की थी। दमानिया के मुताबिक, चाकणकर और खरात के बीच कुल 177 बार फोन पर बातचीत हुई, जिनकी कुल अवधि 33,727 सेकंड थी।

खरात से संबंध सामने आने के बाद चाकणकर ने महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। हालांकि उन्होंने कहा है कि उन्हें खरात की कथित आपराधिक गतिविधियों की जानकारी नहीं थी।

दमानिया ने यह भी आरोप लगाया कि खरात और भाजपा नेता चंद्रकांत पाटिल तथा राकांपा नेता सुनील तटकरे के बीच आठ-आठ बार फोन पर बातचीत हुई थी। इसके अलावा भाजपा के मंत्री आशीष शेलार और खरात के बीच भी एक बार फोन पर बातचीत होने का दावा किया गया।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के वरिष्ठ मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि किसी से फोन पर बात करना या मिलना गलत नहीं है और आपराधिक जिम्मेदारी तभी तय होती है जब किसी अपराध में संलिप्तता साबित हो।

गौरतलब है कि मार्च में एक विवाहित महिला द्वारा अशोक खरात पर तीन वर्षों तक बार-बार दुष्कर्म करने का आरोप लगाने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया था। अब तक उसके खिलाफ कुल आठ प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं।

गिरफ्तारी के बाद खरात की महाराष्ट्र के कई प्रमुख नेताओं, जिनमें एकनाथ शिंदे और रूपाली चाकणकर शामिल हैं, के साथ तस्वीरें व्यापक रूप से प्रसारित हुई थीं। वर्ष 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने खरात के मंदिर का दौरा भी किया था।

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