लखनऊ । सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र से आस्था और सेवा का जो कारवां सितंबर 2022 में आरंभ हुआ था, वह आज राष्ट्रव्यापी अनुकरणीय मॉडल के रूप में स्थापित हो चुका है। विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा संचालित ‘रामरथ श्रवण अयोध्या यात्रा’ ने राजनीति, सेवा और श्रद्धा के अद्भुत समन्वय का उदाहरण प्रस्तुत किया है। मंगलवार को ग्राम सभा बनी से 53वीं निशुल्क ‘रामरथ श्रवण अयोध्या यात्रा’ का सफल संचालन किया गया, जिसके तहत श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम में श्रीराम लला के भव्य मंदिर सहित श्री हनुमानगढ़ी और अन्य प्रमुख तीर्थस्थलों के सुगम एवं व्यवस्थित दर्शन कराए गए।
यात्रा के शुभारंभ अवसर पर श्रद्धालुओं को शाल और पटका पहनाकर सम्मानित किया गया और उन्हें ससम्मान बसों में बैठाया गया। पूरी यात्रा के दौरान भोजन, जलपान, स्वास्थ्य सेवाओं और विश्राम की उत्तम व्यवस्था की गई। कार्यकर्ताओं ने सेवा को ही श्रद्धा का स्वरूप मानते हुए इस यात्रा को एक दिव्य और आध्यात्मिक अनुभव में परिवर्तित कर दिया। यात्रा के समापन पर श्रद्धालुओं को प्रसाद, श्रीरामचरितमानस और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया।

तीन वर्षों से सतत जारी सेवा-परंपरा
डॉ. राजेश्वर सिंह की यह पहल इसलिए भी विशेष मानी जा रही है क्योंकि यह पहली बार है जब किसी जनप्रतिनिधि ने निरंतर इतने व्यापक स्तर पर धार्मिक-सेवा यात्राओं का संचालन किया है। अपनी पूज्य माताश्री तारा सिंह की प्रेरणा से आरंभ की गई यह ‘रामरथ श्रवण अयोध्या यात्रा’ तीन वर्षों से अधिक समय से बिना किसी व्यवधान के संचालित हो रही है। अब तक आयोजित 53 निशुल्क यात्राओं के माध्यम से लगभग 8,000 श्रद्धालुओं—विशेषकर बुजुर्गों और मातृशक्ति—को अयोध्या धाम दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हो चुका है।
डॉ. राजेश्वर सिंह का कहना है कि यह यात्रा उन लोगों तक आस्था पहुंचाने का माध्यम है, जिनके लिए प्रभु श्रीराम के धाम के दर्शन लंबे समय तक केवल एक सपना थे। यह पहल वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं के सम्मान की जीवंत अभिव्यक्ति बन चुकी है।
आस्था का लोकतंत्रीकरण
‘रामरथ श्रवण अयोध्या यात्रा’ आज सरोजनीनगर में सामाजिक सद्भाव, भक्ति और जनसेवा की नई दिशा स्थापित कर रही है। यह पहल इस बात का प्रमाण है कि राजनीति केवल सत्ता या शासन का माध्यम नहीं, बल्कि जनकल्याण और सेवा-साधना का पवित्र संकल्प भी हो सकती है।
