लखनऊ, 28 मार्च 2026 (यूएनएस)। राजधानी लखनऊ में घर-घर कूड़ा कलेक्शन के बाद डंपिंग यार्डों में कूड़ा जमा होने लगा है। यहां से कूड़ा उठान में देरी की शिकायतें सामने आ रही हैं। कई पार्षदों का कहना है कि नगर निगम से सप्ताह में दो दिन डीजल नहीं मिलने के कारण सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
शहर के पांच जोन में सफाई व्यवस्था संभाल रही कार्यदायी संस्था लखनऊ स्वच्छता अभियान (एलएसए) ने नगर आयुक्त को पत्र लिखकर मांग की है कि संस्था को इमरजेंसी सेवा के रूप में समय से ईंधन उपलब्ध कराया जाए, ताकि कूड़ा उठान और सफाई कार्य लगातार जारी रह सके।
हालांकि, नगर आयुक्त गौरव कुमार ने स्पष्ट किया है कि ईंधन की कोई कमी नहीं है और शहर की सभी व्यवस्थाएं निर्बाध रूप से चलती रहेंगी। उन्होंने कहा कि डीजल-पेट्रोल खत्म होने की अफवाहों के कारण पेट्रोल पंपों पर भीड़ लग रही है, लेकिन वास्तविकता में आवश्यक सेवाओं के लिए पर्याप्त ईंधन उपलब्ध है।
नगर निगम के कई पार्षदों ने आरोप लगाया है कि शनिवार और रविवार को वाहनों को डीजल मिलने में देरी होती है, जिससे डंपिंग यार्डों में कूड़ा कई दिनों तक जमा रहता है। अचार्य नरेंद्र देव वार्ड के पार्षद मनीष रस्तोगी और अन्य जनप्रतिनिधियों ने कहा कि शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
वहीं, आरआर विभाग के चीफ इंजीनियर मनोज प्रभात का कहना है कि प्राथमिकता के आधार पर शहर में काम किया जा रहा है और ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। नगर निगम के विभिन्न विभागों—अभियंत्रण, उद्यान और पशुपालन—के पास कुल करीब 450 वाहन हैं, जिनमें प्रतिदिन आठ से नौ हजार लीटर ईंधन की खपत होती है।
इस बीच, सुषमा खर्कवाल ने शहरवासियों से अपील की है कि पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस और खाद्य सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता है। उन्होंने कहा कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा भ्रामक अफवाहें फैलाकर भय का माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है, इसलिए नागरिक ऐसी अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन का सहयोग करें।
