लखनऊ/चित्रकूट। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के चित्रकूट नोड में 75 हेक्टेयर भूमि का आवंटन पत्र भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक मनोज जैन को सौंपा।
यह पहल चित्रकूट डिफेंस नोड के चरणबद्ध विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे रक्षा विनिर्माण ढांचे को मजबूती मिलने के साथ बुंदेलखंड क्षेत्र में औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना उत्तर प्रदेश को रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में एक सशक्त पहचान दिलाएगी और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगी। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण चित्रकूट नोड बेहतर लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी और अनुकूल भौगोलिक स्थिति के कारण तेजी से रक्षा विनिर्माण का उभरता केंद्र बन रहा है।
परियोजना के तहत बीईएल लगभग 562.5 करोड़ रुपये का निवेश कर अत्याधुनिक रडार और वायु रक्षा प्रणालियों के निर्माण के लिए उन्नत विनिर्माण इकाई स्थापित करेगी। इससे प्रदेश में उच्च-प्रौद्योगिकी आधारित औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
इस इकाई से 300 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है, जबकि सहायक और एमएसएमई क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अप्रत्यक्ष रोजगार भी उत्पन्न होंगे। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के लिए पलायन की आवश्यकता में कमी आएगी।
सरकार का मानना है कि यह परियोजना ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को मजबूत करते हुए रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी उत्पादन क्षमता को बढ़ाएगी और आयात पर निर्भरता कम करेगी।
अब तक अपनी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान के लिए प्रसिद्ध चित्रकूट, इस परियोजना के माध्यम से रक्षा विनिर्माण के क्षेत्र में भी नई पहचान स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
