ओडिशा में ‘क्रॉस-वोटिंग’ पर कांग्रेस सख्त, तीन विधायक निलंबित

भुवनेश्वर, 17 मार्च। ओडिशा में राज्यसभा चुनाव के बाद कांग्रेस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ‘क्रॉस-वोटिंग’ के आरोप में अपने तीन विधायकों को निलंबित कर दिया है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि इन विधायकों ने भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के पक्ष में मतदान कर पार्टी लाइन का उल्लंघन किया।

निलंबित किए गए विधायकों में रमेश चंद्र जेना, दशरथी गोमांगो और सोफिया फिरदौस शामिल हैं। पार्टी के अनुसार, इन सभी ने निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय के पक्ष में वोट दिया, जिससे उनकी जीत सुनिश्चित हुई।

कांग्रेस की प्रदेश इकाई ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “जो लोग कांग्रेस के साथ विश्वासघात करते हैं, वे राष्ट्र के साथ विश्वासघात करते हैं।” पार्टी के मीडिया प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अरबिंद दास ने बताया कि विस्तृत समीक्षा के बाद यह फैसला लिया गया और संबंधित विधायकों के कृत्य पार्टी हितों के खिलाफ पाए गए।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास ने कहा कि इन विधायकों को संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत अयोग्य घोषित कराने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी। उन्होंने इसे “विश्वासघात” बताते हुए कहा कि पार्टी को उनसे ऐसी उम्मीद नहीं थी।

राज्यसभा चुनाव में विपक्ष के साझा उम्मीदवार दत्तेश्वर होता को हार का सामना करना पड़ा। कांग्रेस ने रणनीतिक रूप से बीजद उम्मीदवार होता का समर्थन किया था, लेकिन क्रॉस-वोटिंग के चलते समीकरण बिगड़ गए।

सूत्रों के अनुसार, बीजू जनता दल (बीजद) के कुछ विधायकों ने भी राय के पक्ष में मतदान किया, जिससे परिणाम प्रभावित हुआ। चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपने विधायकों को “प्रलोभनों से बचाने” के लिए कर्नाटक भेजा था, लेकिन इसके बावजूद पार्टी एकजुटता बनाए रखने में सफल नहीं रही।

ओडिशा में राज्यसभा की चार सीटों के लिए हुए चुनाव में दो सीटें भाजपा, एक बीजद और एक निर्दलीय उम्मीदवार के खाते में गई। इस घटनाक्रम के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और कांग्रेस के भीतर अनुशासन को लेकर सख्ती के संकेत मिल रहे हैं।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *