लखनऊ, 26 फरवरी – मानवीय संवेदनशीलता का उदाहरण पेश करते हुए लखनऊ सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड के दुबग्गा डिपो की इलेक्ट्रिक बस में मिले एक छोटे बच्चे को सुरक्षित उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया। यह घटना विराजखण्ड–दुबग्गा मार्ग पर संचालित बस संख्या यूपी 32 एमएन 0075 में हुई।
जानकारी के अनुसार बस जब पालीटेक्निक लखनऊ स्टॉप पर यात्रियों को चढ़ा रही थी, तभी एक छोटा बच्चा भी बस में चढ़ गया। टिकट बनाते समय परिचालक ने देखा कि बच्चा चालक के पास अकेला खड़ा है और उसके साथ कोई अभिभावक नहीं है। यात्रियों से पूछताछ करने पर भी बच्चे के साथ किसी के होने की पुष्टि नहीं हो सकी। इस बस का संचालन महेन्द्र कुमार चालक एंव चन्द्र प्रकाश यादव, परिचालक कर रहे थे।

स्थिति की जानकारी तत्काल दुबग्गा डिपो के वरिष्ठ केन्द्र प्रभारी अनिल तिवारी को दी गई। उनके निर्देश पर बच्चे को सुरक्षित डिपो लाया गया। इसी दौरान बच्चे के माता-पिता ने वरिष्ठ केन्द्र प्रभारी से संपर्क किया, जिन्हें आश्वस्त किया गया कि उनका बच्चा सुरक्षित है और वे डिपो आकर उसे प्राप्त कर सकते हैं।
बाद में अभिभावकों के पहुंचने पर बच्चे को थाना दुबग्गा थाना लाया गया, जहां पुलिस की उपस्थिति में आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर बच्चे को सकुशल माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया।
इस सराहनीय कार्य के लिए सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक डी के गर्ग द्वारा बस के परिचालक को 500 रुपये का पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया गया। परिवहन विभाग के अधिकारियों ने चालक और परिचालक की सतर्कता तथा जिम्मेदारी की भावना की प्रशंसा करते हुए कहा कि सार्वजनिक परिवहन में यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
