लखनऊ, 31 मार्च, 2026। उत्तर प्रदेश में हजारों गांवों को सार्वजनिक परिवहन सुविधा से जोड़ने की दिशा में मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के तहत तेजी से कार्य किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत ग्रामीण मार्गों पर मिनी बसों के संचालन के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और चयन प्रक्रिया अप्रैल में पूरी कर मई से बस संचालन शुरू करने की तैयारी है।
यह जानकारी देते हुए प्रदेश के परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश परिवहन निगम द्वारा संचालित सभी 20 क्षेत्रों से आवेदन की अंतिम तिथि 28 मार्च 2026 तक कुल लगभग 1010 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
उन्होंने बताया कि विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त आवेदनों में सहारनपुर क्षेत्र से सर्वाधिक 144 आवेदन आए हैं, जबकि प्रयागराज से 118, वाराणसी से 90, अलीगढ़ से 87, मुरादाबाद से 78 और झांसी से 59 आवेदन प्राप्त हुए हैं। लखनऊ क्षेत्र से 42 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
परिवहन मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि योजना से जुड़े सभी कार्य गंभीरता और समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं, ताकि ग्रामीण जनता को जल्द परिवहन सुविधा मिल सके। उन्होंने बताया कि इस योजना के माध्यम से प्रदेश की लगभग 59,163 ग्राम पंचायतों को परिवहन सुविधा से जोड़ने की तैयारी की जा रही है।
मंत्री के अनुसार करीब 12,200 गांवों में सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए निजी मिनी बसों के संचालन की व्यवस्था की जा रही है। राज्य सरकार की योजना ग्रामीण मार्गों पर 15 से 28 सीट क्षमता वाली निजी मिनी बसों का संचालन कराने की है, जिससे दूरस्थ और असंबद्ध गांवों को भी परिवहन नेटवर्क से जोड़ा जा सके।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्रत्येक ग्राम पंचायत को सुगम और सस्ती परिवहन सेवा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को विकास खंड, तहसील और जनपद मुख्यालय से सीधे जोड़ना तथा अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सुरक्षित और सुलभ परिवहन सेवा पहुंचाना है।
इस योजना के लागू होने से ग्रामीण जनता को ब्लॉक, तहसील और जिला मुख्यालय तक सीधी पहुंच मिलेगी और उन मार्गों पर भी बस सेवा उपलब्ध हो सकेगी, जहां वर्तमान में परिवहन निगम की बसें कम संचालित हो रही हैं।
