उप्र के दोनों उपमुख्यमंत्री संतों और बटुकों का सम्मान करते हैं: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद

वाराणसी/लखनऊ, 19 फरवरी (RNN)। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि उत्तर प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्री संतों और बटुक ब्राह्मणों का सम्मान करते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 40 दिनों के भीतर गाय को ‘राष्ट्र माता’ घोषित नहीं किया गया तो संत लखनऊ तक मार्च करेंगे।

वाराणसी में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने प्रयागराज में हाल में संपन्न माघ मेले के दौरान बटुकों के साथ कथित दुर्व्यवहार से जुड़े विवाद का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बटुकों की चोटी खींचे जाने की घटना को “गंभीर पाप” बताया और जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की थी।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की उस अपील का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने विरोध समाप्त करने और मौनी अमावस्या पर संगम में स्नान करने का आग्रह किया था। उन्होंने कहा कि दोनों उपमुख्यमंत्री समाज में अपनी भूमिका के प्रति सजग हैं और संतों तथा बटुकों के सम्मान के प्रति प्रतिबद्धता प्रदर्शित कर चुके हैं।

उन्होंने कहा कि ब्रजेश पाठक द्वारा अपने लखनऊ आवास पर 101 बटुकों के लिए अनुष्ठान आयोजित करने का निर्णय इसी दृष्टिकोण को दर्शाता है। इस बीच वाराणसी पहुंचे पाठक ने इस विषय पर मीडिया के सवालों का उत्तर देने से परहेज किया।

लखनऊ में उपमुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों के अनुसार बड़ी संख्या में बटुक उनके आवास पहुंचे और ब्राह्मण समुदाय से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए आभार व्यक्त किया। सूत्रों ने बताया कि बटुकों ने सामाजिक सम्मान और परंपराओं की रक्षा को लेकर उपमुख्यमंत्री के रुख की सराहना की।

इस विषय पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रेम शुक्ला ने कहा कि किसी भी नागरिक का अपमान स्वीकार्य नहीं है और कथित घटना पर उचित कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं पंकज सिंह ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *