शाहजहांपुर/तिलहर। भारत–अमेरिका प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने मंगलवार को महामहिम राष्ट्रपति महोदया के नाम संबोधित ज्ञापन तिलहर के उप जिलाधिकारी को सौंपा। यूनियन पदाधिकारियों ने मांग की कि कृषि और दुग्ध उत्पादों को इस व्यापार समझौते के दायरे से बाहर रखा जाए, अन्यथा देशव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा।
भाकियू नेताओं का कहना है कि यदि कृषि और डेयरी क्षेत्र को इस डील में शामिल किया गया तो सस्ते विदेशी आयात से देश के किसानों और दुग्ध उत्पादकों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उनका आरोप है कि इससे फसलों के दाम गिर सकते हैं और दुग्ध बाजार असंतुलित हो सकता है, जिसका सीधा असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और छोटे किसानों की आय पर पड़ेगा।
नेताओं ने कहा कि भारत की खाद्य सुरक्षा और स्वावलंबी कृषि व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए सरकार को कोई भी निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने आशंका जताई कि बहुराष्ट्रीय कंपनियों को लाभ पहुंचाने वाली नीतियों से देश के पारंपरिक कृषि ढांचे को नुकसान हो सकता है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान राकेश टिकैत, चौधरी नरेश टिकैत, विजेंद्र यादव, अनिल यादव, श्रीकृष्ण जाटव (सिंघापुर), रमेश शर्मा, राजवीर सिंह जादौन, पवन खटाना, चौधरी गौरव बलिया सहित अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। वक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
भाकियू (टिकैत) ने केंद्र सरकार से मांग की है कि किसानों की आय, दुग्ध उत्पादकों के हित और देश की खाद्य सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कृषि व दुग्ध उत्पादों को भारत–अमेरिका ट्रेड डील से बाहर रखा जाए।
