बिरला का दावा पूरी तरह झूठा, स्पीकर के पीछे छिप रहे हैं प्रधानमंत्री: प्रियंका गांधी

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा

नयी दिल्ली, पांच फरवरी – कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के उस दावे को पूरी तरह झूठा करार दिया है, जिसमें कहा गया था कि विपक्षी सदस्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ किसी अप्रत्याशित घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री अब स्पीकर के पीछे छिप रहे हैं और उनसे यह बातें कहलवाई जा रही हैं।

संसद परिसर में संवाददाताओं से बातचीत में प्रियंका गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री पर हाथ उठाने या उन्हें नुकसान पहुंचाने जैसी किसी भी योजना का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने कहा, “यह पूरी तरह झूठ है। ऐसी कोई योजना नहीं थी। इस तरह के आरोप लगाना बिल्कुल गलत है।”

उन्होंने उस दावे को भी “बकवास” बताया, जिसमें कहा गया था कि कुछ महिला सांसदों के खड़े होने के कारण प्रधानमंत्री सदन में आने की हिम्मत नहीं कर पाए। प्रियंका ने सवाल किया कि यदि सत्ता पक्ष के सदस्यों को खड़े होकर हंगामा करने की अनुमति दी जाएगी, तो विपक्ष विरोध क्यों नहीं करेगा।

कांग्रेस महासचिव ने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी लोकसभा अध्यक्ष के पीछे छिप रहे हैं। उन्होंने कहा, “कल प्रधानमंत्री सदन में इसलिए नहीं आए क्योंकि उनकी बेंच के सामने तीन महिलाएं खड़ी थीं—यह कैसी बेतुकी बात है? मीडिया सरकार से यह सवाल क्यों नहीं पूछता कि विपक्ष के नेता को बोलने की अनुमति क्यों नहीं दी जा रही?”

प्रियंका गांधी ने यह भी सवाल उठाया कि सरकार के पास राहुल गांधी को किसी प्रकाशित स्रोत को उद्धृत करने से रोकने का क्या आधार है।

इस बीच, कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने लिखा, “क्या मोदी सरकार यह कहना चाहती है कि महिलाएं हिंसक होती हैं? क्या महिला सांसदों द्वारा विरोध करना आतंकवाद है? क्या दलित महिला सांसद के खड़े होने से सरकार असहज हो गई? क्या उन्हें अछूत माना जा रहा है?” उन्होंने सरकार से महिला सांसदों, विशेषकर दलित महिलाओं से माफी की मांग की।

उल्लेखनीय है कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बृहस्पतिवार को कहा था कि कांग्रेस के कई सदस्य सदन के नेता की सीट के पास पहुंचकर किसी अप्रत्याशित घटना को अंजाम देना चाहते थे, जिसके चलते उनके अनुरोध पर प्रधानमंत्री मोदी सदन में नहीं आए। बिरला ने यह भी कहा कि विपक्षी सदस्यों का उनके चैंबर में किया गया व्यवहार लोकसभा के इतिहास में अभूतपूर्व था और इसे उन्होंने एक “काला धब्बा” करार दिया।

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