निजी स्कूलों की मनमानी फीस के खिलाफ एएसएपी का बिगुल, 16 अप्रैल को प्रदेशव्यापी प्रदर्शन का ऐलान

लखनऊ, 13 अप्रैल 2026। आम आदमी पार्टी की छात्र विंग एएसएपी ने प्रदेश में निजी स्कूलों की बढ़ती फीस और कथित ‘स्कूल सिंडिकेट’ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी के प्रदेश महासचिव अनित रावत ने सोमवार को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को जानबूझकर कमजोर कर निजी स्कूलों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

अनित रावत ने कहा कि उत्तर प्रदेश में शिक्षा अब सेवा नहीं, बल्कि मुनाफे का माध्यम बन चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूलों में किताबों, ड्रेस और अन्य शुल्कों के नाम पर अभिभावकों से खुली लूट की जा रही है। “₹50 की किताब ₹250 में और स्कूल ड्रेस ₹5000 तक बेची जा रही है, जो पूरे सिस्टम में फैली कमीशनखोरी को दर्शाता है,” उन्होंने कहा।

उन्होंने बताया कि केवल लखनऊ ही नहीं, बल्कि नोएडा से लेकर महाराजगंज तक निजी स्कूलों की फीस में भारी बढ़ोतरी देखी जा रही है। कई स्थानों पर फीस में 40 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है, जिससे मध्यम और निम्न वर्ग के अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है।

रावत ने आरोप लगाया कि एडमिशन और मेंटेनेंस फीस के नाम पर सालभर वसूली की जा रही है और यह सब सरकार की मिलीभगत से हो रहा है। उन्होंने कहा कि कम आय वाले अभिभावक बच्चों की पढ़ाई के लिए अपनी जरूरतों में कटौती करने को मजबूर हैं, लेकिन इसके बावजूद स्कूलों की मनमानी जारी है।

उन्होंने कुछ बड़े निजी स्कूलों का उदाहरण देते हुए कहा कि तीन महीने की फीस ₹33,000 तक वसूली जा रही है, जबकि कई स्कूलों में फीस इतनी अधिक है कि आम परिवार के लिए वहन करना मुश्किल हो गया है।

एएसएपी ने मांग की है कि उत्तर प्रदेश फीस अधिनियम 2018 को सख्ती से लागू किया जाए। इसके तहत फीस वृद्धि को महंगाई दर तक सीमित किया जाए और अतिरिक्त शुल्क वसूली पर रोक लगाई जाए। साथ ही 2018 से अब तक वसूली गई अतिरिक्त राशि अभिभावकों को लौटाने की मांग भी की गई है।

प्रेस वार्ता के अंत में अनित रावत ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो 16 अप्रैल को प्रदेशभर में बड़ा धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल फीस का नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य और उनके अधिकारों की लड़ाई है।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *