लखनऊ, 16 मार्च (RNN)। ब्रजेश पाठक ने सोमवार को चिनहट स्थित चिनहट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का औचक निरीक्षण किया और अस्पताल में गंदगी, वार्डों की बदहाली और व्यवस्थाओं में लापरवाही पर सख्त नाराजगी जताई।
आधिकारिक बयान के अनुसार निरीक्षण के दौरान उपमुख्यमंत्री ने जनरल वार्ड में कई बेड पर चादर नहीं होने और अस्पताल परिसर में गंदगी देखकर अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने जिम्मेदार लोगों को नोटिस जारी करने और सफाई एजेंसी का एक सप्ताह का भुगतान काटने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि जब तक अस्पताल में सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं होगी, संबंधित अधिकारी घर नहीं जाएंगे।
निरीक्षण के दौरान पाठक अचानक सीएचसी पहुंचे और मुंह पर मास्क लगाकर सबसे पहले पर्चा काउंटर पर मरीजों की कतार में खड़े हो गए। इस दौरान उन्होंने मरीजों से अस्पताल की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली।
इसके बाद वह पैथोलॉजी विभाग पहुंचे, जहां मरीजों की लंबी कतार लगी थी। उन्होंने तकनीशियन से पूछा कि एक मरीज का रक्त नमूना लेने में कितना समय लगता है और जांच प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए ताकि मरीजों को अधिक इंतजार न करना पड़े।
एक्स-रे कक्ष के आसपास धूल देखकर उन्होंने तुरंत सफाई कराने को कहा और वहां रखी अलमारी खोलकर स्टॉक की भी जांच की। इसके बाद वह ओपीडी कक्ष नंबर पांच में पहुंचे और डॉक्टर से मरीजों की संख्या व व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली।
जब उपमुख्यमंत्री जनरल वार्ड नंबर 28 पहुंचे तो वहां कई बेड पर चादर न होने और साफ-सफाई खराब मिलने पर उन्होंने कर्मचारियों को फटकार लगाई और कहा कि मरीजों की देखभाल में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान शौचालयों की स्थिति भी संतोषजनक नहीं मिली, जिस पर उन्होंने अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए। हालांकि अग्निशमन सिलेंडर की वैधता जांचने पर वह सही पाई गई।
सीएचसी के सभागार में उस समय आशा कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण चल रहा था। आशा कार्यकर्ताओं ने बताया कि उनके मोबाइल फोन खराब हैं, जिससे काम में परेशानी हो रही है। इस पर उपमुख्यमंत्री ने तुरंत डॉ. एनबी सिंह को फोन कर मोबाइल ठीक कराने या बदलने के निर्देश दिए और आशा कार्यकर्ताओं का बकाया भुगतान भी जल्द कराने को कहा।
निरीक्षण के दौरान पीने के पानी की व्यवस्था भी खराब मिली। पानी की पाइप को जाली से बांधकर रखा गया था और आसपास गंदगी थी। इस पर उन्होंने सख्त नाराजगी जताते हुए कहा कि अस्पतालों में साफ-सफाई और मूलभूत सुविधाओं से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
