कार्य में लापरवाही पर वेंडर कंपनी को कृषि मंत्री की कड़ी फटकार

लखनऊ, 16 मार्च RNN। सूर्य प्रताप शाही ने सोमवार को वेदर इंफॉर्मेशन एंड नेटवर्क डेटा सिस्टम (WINDS) कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए कार्य में लापरवाही बरतने पर वेंडर कंपनी को कड़ी फटकार लगाई और समयबद्ध कार्य पूरा न होने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।

कृषि मंत्री ने अपने विधानसभा कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में Skymet Weather Services Pvt. Ltd. द्वारा कार्यों के क्रियान्वयन में ढिलाई और धीमी प्रगति पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कंपनी के प्रतिनिधियों को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूरे नहीं किए गए तो अनुबंध निरस्तीकरण सहित कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में मंत्री ने कहा कि WINDS योजना प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका उद्देश्य ब्लॉक स्तर पर ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन (AWS) और ग्राम पंचायत स्तर पर ऑटोमैटिक रेन गेज (ARG) की स्थापना करना है, ताकि सटीक मौसम संबंधी आंकड़ों को फसल बीमा पोर्टल से जोड़ा जा सके और आपदा की स्थिति में किसानों को त्वरित फसल क्षतिपूर्ति मिल सके।

उन्होंने कहा कि मौसम संबंधी डेटा की उपलब्धता में देरी सीधे तौर पर किसानों के हितों को प्रभावित करती है, जिसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

समीक्षा के दौरान बताया गया कि प्रदेश में WINDS कार्यक्रम के तहत कुल 826 ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन और 57,702 ऑटोमैटिक रेन गेज स्थापित किए जाने का लक्ष्य है। इनमें से स्काईमेट वेदर सर्विसेज को क्लस्टर-1 के अंतर्गत 39 जिलों का कार्य दिया गया है, जिसमें 157 AWS और 27,487 ARG की स्थापना की जानी है।

हालांकि सर्वेक्षण और उपकरणों की स्थापना की वर्तमान गति संतोषजनक नहीं पाई गई। इस पर मंत्री ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए योजना के तहत 60 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है और कंपनी को नियमानुसार भुगतान भी किया जा रहा है, इसके बावजूद कार्य की धीमी प्रगति गैर-जिम्मेदाराना रवैये को दर्शाती है।

शाही ने निर्देश दिए कि विकास खंडों और ग्राम पंचायतों के पंचायत भवनों में उपकरणों की स्थापना का कार्य युद्धस्तर पर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार किसानों को आपदा प्रबंधन, सटीक सलाह और समयबद्ध बीमा लाभ देने के लिए प्रतिबद्ध है और इसमें बाधा उत्पन्न करने वाली किसी भी निजी कंपनी को बख्शा नहीं जाएगा।

बैठक में इंद्र विक्रम सिंह (सचिव कृषि), डॉ. पंकज त्रिपाठी (निदेशक कृषि) सहित कृषि विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और वेंडर कंपनी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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