लखनऊ, 17 नवंबर—उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को आयोजित जनता दर्शन के दौरान लखनऊ की एक पीड़ित मां की गुहार सुनते ही उसके सात माह के गंभीर रूप से बीमार बच्चे के उपचार की तत्काल व्यवस्था कराई। यह जानकारी राज्य सरकार द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में दी गई।
बयान के अनुसार, लखनऊ के राजेंद्र नगर की रहने वाली महिला अपने सात महीने के बच्चे को गोद में लेकर जनता दर्शन पहुंची। उसने मुख्यमंत्री को बताया कि उसका बच्चा हृदय रोग से पीड़ित है और आर्थिक तंगी के कारण वह उसका इलाज कराने में असमर्थ है। महिला ने आर्थिक सहायता की मांग करते हुए बताया कि लगातार बढ़ते खर्च के कारण परिवार बेहद कठिन परिस्थितियों से गुजर रहा है।
मुख्यमंत्री ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए और बच्चे को एंबुलेंस के माध्यम से किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) भेजा गया। वहां चिकित्सकों की टीम ने बच्चे का उपचार तत्काल शुरू कर दिया। प्रशासन के अनुसार, बच्चे को आवश्यक सभी चिकित्सा सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।
जनता दर्शन कार्यक्रम में सोमवार को प्रदेशभर से आए 60 से अधिक लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं सभी फरियादियों के पास जाकर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के आदेश दिए।
इसी दौरान बुलंदशहर निवासी एक अर्धसैनिक बल के जवान भी पहुंचे, जिन्होंने अपनी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत की। उनकी बात सुनकर मुख्यमंत्री ने कहा, “आप देश की सीमा और आंतरिक सुरक्षा की रक्षा में तैनात रहते हैं। आप निश्चिंत रहिए, आपके परिवार की जिम्मेदारी सरकार की है।” उन्होंने अधिकारियों को मामले की तत्काल जांच कर समाधान करने का निर्देश दिया।
जनता दर्शन में जमीन कब्जा, आर्थिक सहायता, पुलिस, बिजली तथा अन्य विभागों से जुड़ी कई शिकायतें दर्ज कराई गईं। मुख्यमंत्री ने सभी फरियादियों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं का निस्तारण प्राथमिकता पर किया जाएगा और किसी भी पीड़ित को निराश नहीं लौटना पड़ेगा।
