श्रीनगर, 12 नवंबर (भाषा): जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बुधवार को कहा कि आतंकवाद शांति, विकास और भाईचारे के लिए सबसे बड़ा खतरा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे आतंकवाद का समर्थन करने वाले तत्वों की पहचान कर सुरक्षा बलों की मदद करें ताकि इस खतरे को जड़ से समाप्त किया जा सके।
सिन्हा दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के अवंतीपोरा स्थित इस्लामिक यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (IUST) में एक समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अपने संबोधन के दौरान 10 नवंबर को दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार विस्फोट में मारे गए लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि निर्दोष नागरिकों पर ऐसे हमले मानवता के खिलाफ हैं।
उन्होंने कहा, “मैं लाल किले के निकट हुए आतंकवादी हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं और उनके परिवारों के प्रति सहानुभूति व्यक्त करता हूं। आतंकवाद शांति और विकास के लिए सबसे बड़ा दुश्मन है, जो समाज में नफरत, हिंसा और अस्थिरता फैलाता है।”
उपराज्यपाल ने कहा कि आतंकवाद ने पिछले तीन दशकों में जम्मू-कश्मीर के युवाओं के सपनों और जीवन को बर्बाद कर दिया है। उन्होंने कहा कि आज के युवा अपनी आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए मेहनत कर रहे हैं, लेकिन पड़ोसी देश और उसके समर्थक आतंकवादी तत्व उनकी प्रगति को बर्दाश्त नहीं कर सकते। वे आतंक के माध्यम से युवाओं की उम्मीदों को कुचलना चाहते हैं।
सिन्हा ने कहा कि आतंकवादियों के पारिस्थितिकी तंत्र को नष्ट करने में जनता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, “हर नागरिक का यह कर्तव्य है कि ऐसे तत्वों की पहचान करे और सुरक्षा बलों को उनकी सूचना दे। जब जनता और सुरक्षा एजेंसियां साथ खड़ी होंगी, तभी आतंकवाद को जड़ से समाप्त किया जा सकेगा।”
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में जम्मू-कश्मीर में उल्लेखनीय शांति स्थापित हुई है। “पिछले पांच से छह वर्षों में जम्मू-कश्मीर के लोगों ने स्थिरता और शांति का अनुभव किया है। आज, शांति के पक्षधर लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है,” उपराज्यपाल ने कहा।
सिन्हा ने विश्वास जताया कि प्रशासन, सुरक्षा बलों और जनता के सामूहिक प्रयास से जम्मू-कश्मीर में स्थायी शांति और विकास का नया युग स्थापित होगा।
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