एशियाई कप क्वालीफायर के लिए भारत की संभावित टीम घोषित, सुनील छेत्री बाहर

नयी दिल्ली, 5 नवंबर : भारतीय फुटबॉल टीम के मुख्य कोच खालिद जमील ने बुधवार को बांग्लादेश के खिलाफ होने वाले एशियाई कप क्वालीफायर मुकाबले के लिए 23 सदस्यीय संभावित खिलाड़ियों की सूची जारी की है। इस सूची में टीम के सबसे अनुभवी और करिश्माई स्ट्राइकर सुनील छेत्री का नाम शामिल नहीं है। भारत का यह मुकाबला 18 नवंबर को ढाका में खेला जाएगा।

भारत पहले ही 2027 में सऊदी अरब में होने वाले एशियाई कप के मुख्य दौर में जगह बनाने में नाकाम रहा है। पिछले महीने मडगांव में खेले गए मुकाबले में भारत को सिंगापुर के हाथों 1-2 से हार का सामना करना पड़ा था, जिससे उसकी क्वालीफिकेशन की उम्मीदें समाप्त हो गईं। इस कारण बांग्लादेश के खिलाफ यह मैच अब मात्र औपचारिकता भर रह गया है।

सूत्रों के अनुसार, कुछ और खिलाड़ियों के नाम बाद में इस संभावित सूची में जोड़े जा सकते हैं। आमतौर पर अंतिम टीम में 23 खिलाड़ी शामिल किए जाते हैं। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि सुनील छेत्री को अंतिम टीम में जगह मिलेगी या नहीं। गौरतलब है कि छेत्री ने कुछ समय पहले अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास का फैसला लिया था, लेकिन बाद में क्वालीफायर खेलने के लिए अपना निर्णय वापस ले लिया था। अब जबकि भारत टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाया है, उनके शामिल होने की संभावना कम दिखाई दे रही है।

खालिद जमील की घोषित संभावित सूची में युवा खिलाड़ियों पर विशेष ध्यान दिया गया है। टीम के गोलकीपर होंगे गुरप्रीत सिंह संधू, रितिक तिवारी और साहिल। डिफेंस विभाग में आकाश मिश्रा, अनवर अली, बिकाश युमनाम, एच राल्टे, मुहम्मद उवैस, परमवीर, राहुल भेके और संदेश झिंगन को शामिल किया गया है। मिडफील्ड की जिम्मेदारी आशिक कुरूनियान, ब्रिसन फर्नांडिस, लालरेम्लुआंगा फनाइ, मैकार्टन लुईस निकसन, महेश सिंह नाओरेम, निखिल प्रभु और सुरेश सिंह वांगजाम को दी गई है।

वहीं फॉरवर्ड लाइन में इरफान यादवाड, लालियांजुआला छांगटे, मोहम्मद सनान, रहीम अली और विक्रम प्रताप सिंह को जगह मिली है। इन युवा खिलाड़ियों से भविष्य में भारतीय फुटबॉल की नई दिशा तय करने की उम्मीद की जा रही है।

उधर, सुपर कप का सेमीफाइनल 26 नवंबर से पहले नहीं होगा क्योंकि एफसी गोवा का सामना उसी दिन बगदाद में अल जावरा एससी के खिलाफ एएफसी चैम्पियंस लीग टू के ग्रुप मैच में होना है। ऐसे में भारतीय फुटबॉल टीम की चयन प्रक्रिया और घरेलू टूर्नामेंटों के कार्यक्रम को लेकर समन्वय बनाए रखना कोचिंग स्टाफ के लिए एक बड़ी चुनौती रहेगा।

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