नई दिल्ली, 17 अक्टूबर : वैश्विक स्तर पर बढ़ती भू-राजनीतिक और व्यापारिक अनिश्चितताओं के बीच सुरक्षित निवेश की मांग में तेजी देखी जा रही है। इसका असर घरेलू वायदा बाजार पर भी साफ दिखाई दिया, जहां शुक्रवार को सोने और चांदी दोनों ने अपने-अपने सर्वकालिक उच्च स्तर को छू लिया।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में दिसंबर 2025 आपूर्ति वाले सोने के अनुबंध की कीमत 2,442 रुपये यानी 1.88 प्रतिशत बढ़कर 1,32,294 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। वहीं फरवरी 2026 आपूर्ति वाले सोने के अनुबंध की कीमत 2,927 रुपये या 2.23 प्रतिशत की छलांग के साथ 1,34,024 रुपये प्रति 10 ग्राम पर दर्ज की गई, जो अब तक का सबसे ऊंचा भाव है।
विश्लेषकों का कहना है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों—जैसे पश्चिम एशिया में तनाव, अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध की आशंकाएं और वैश्विक मंदी की चिंता—के चलते निवेशक शेयर बाजार जैसी अस्थिर परिसंपत्तियों से दूरी बनाकर सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर झुक रहे हैं। सोना और चांदी ऐसे ही परंपरागत सुरक्षित निवेश माने जाते हैं, जिनकी मांग संकट के समय बढ़ जाती है।
इसी प्रकार, चांदी के भावों में भी जबरदस्त तेजी देखने को मिली। MCX पर दिसंबर आपूर्ति वाले चांदी के वायदा अनुबंध की कीमत 2,752 रुपये यानी 1.64 प्रतिशत बढ़कर 1,70,415 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। मार्च 2026 आपूर्ति वाले अनुबंध की कीमत 3,274 रुपये या 1.93 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,72,350 रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर दर्ज की गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं में तेजी का रुख बना रहा। न्यूयॉर्क स्थित कॉमेक्स एक्सचेंज पर दिसंबर आपूर्ति वाले सोने का वायदा भाव 1.65 प्रतिशत बढ़कर 4,375.69 डॉलर प्रति औंस हो गया। चांदी की कीमत भी हल्की बढ़त के साथ 53.38 डॉलर प्रति औंस पर रही।
कुल मिलाकर, मौजूदा वैश्विक परिदृश्य में निवेशकों का रुझान सुरक्षित परिसंपत्तियों की ओर बढ़ रहा है, जिससे सोना और चांदी जैसी धातुओं के दाम ऐतिहासिक ऊंचाइयों पर पहुंच गए हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता बनी रही, तो आने वाले समय में इन धातुओं की कीमतों में और तेजी आ सकती है।
