लखनऊ, 13 अक्टूबर, 2025 : उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री श्री धर्मपाल सिंह ने प्रदेश की गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाए जाने पर जोर देते हुए अधिकारियों को इस दिशा में ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि दीपावली के अवसर पर गाय के गोबर से बने दीप, मूर्तियाँ और अन्य उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाए और इनके विपणन की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
विधान भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में विभागीय अधिकारियों के साथ हुई बैठक में श्री सिंह ने निर्देश दिए कि प्रत्येक जनपद में एक आदर्श गोशाला स्थापित की जाए और उसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य में “काऊ टूरिज्म” की अपार संभावनाएं हैं, जिसे विकसित कर स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के अवसर भी सृजित किए जा सकते हैं।

श्री सिंह ने बताया कि राज्य सरकार गोवंश संरक्षण एवं संवर्धन को प्राथमिकता दे रही है। गोशालाओं को गौ-जन्य उत्पादों जैसे गोबर और गोमूत्र के व्यावसायिक उपयोग के माध्यम से आर्थिक रूप से सक्षम बनाया जाएगा। इसके साथ ही महिला स्वयं सहायता समूहों को इस अभियान से जोड़ने का सुझाव भी दिया गया, जिससे उन्हें आजीविका के नए साधन मिल सकें।
बैठक में प्रमुख सचिव पशुधन एवं दुग्ध विकास मुकेश मेश्राम ने भी अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्थानीय स्तर पर लोगों को जोड़ते हुए गोबर और गोमूत्र के उपयोग को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने कहा कि इस पहल से जहां गौशालाएं आत्मनिर्भर होंगी, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
बैठक में विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे, जिन्होंने इस दिशा में ठोस कदम उठाने का भरोसा दिलाया।
