नयी दिल्ली, 13 अक्टूबर – निर्वाचन आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण से पहले ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) और वीवीपैट (वोटर वेरिफाएबल पेपर ऑडिट ट्रेल) मशीनों का रैंडमाइजेशन (बिना पूर्व निर्धारित क्रम के वितरण) शुरू कर दिया है। यह पहल मतदान प्रक्रिया में पारदर्शिता और राजनीतिक दलों का विश्वास बढ़ाने के उद्देश्य से की गई है।
आयोग द्वारा सोमवार को जारी बयान के अनुसार, राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय मान्यता प्राप्त दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में जिला निर्वाचन अधिकारियों ने ईवीएम मैनेजमेंट सिस्टम (ईएमएस) के माध्यम से मशीनों का रैंडमाइजेशन किया। अधिकारियों ने बताया कि दूसरा चरण मंगलवार को किया जाएगा।
प्रथम रैंडमाइजेशन के तहत कुल 54,311 बैलट यूनिट, 54,311 कंट्रोल यूनिट और 58,123 वीवीपैट मशीनों को 121 विधानसभा क्षेत्रों के 45,336 मतदान केंद्रों के लिए बिना किसी तय क्रम के आवंटित किया गया।
निर्वाचन आयोग ने बताया कि इन ईवीएम और वीवीपैट की विधानसभा-वार सूची सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ साझा की गई है। यह सूची संबंधित जिलों के मुख्यालयों पर उपलब्ध कराई गई है। साथ ही, इन मशीनों को स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षित रूप से संग्रहीत किया जाएगा, जहां राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति अनिवार्य होगी।
चुनाव में नामांकन प्रक्रिया पूरी होने और उम्मीदवारों की अंतिम सूची तय हो जाने के बाद, उसी रैंडमाइजेशन सूची के आधार पर मशीनों का अंतिम आवंटन किया जाएगा और इसे सभी राजनीतिक दलों से साझा किया जाएगा।
गौरतलब है कि बिहार विधानसभा चुनाव का पहला चरण 6 नवंबर को और दूसरा चरण 11 नवंबर को होगा। मतगणना 14 नवंबर को की जाएगी। आयोग की यह पहल निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव संपन्न कराने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
