पटना, 10 अक्टूबर — बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार के 20 वर्षों में माफियाराज की जड़ें गहराई तक पहुंच गई हैं, लेकिन अब कांग्रेस इसे खत्म करने का संकल्प लेकर मैदान में उतर चुकी है। राज्यसभा सांसद और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह ने शुक्रवार को पटना स्थित सदाकत आश्रम में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि अगर बिहार में कांग्रेस की सरकार बनी, तो राज्य को माफिया-मुक्त बनाने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा।
डॉ. सिंह ने दावा किया कि कांग्रेस ने 12 प्रकार के माफियाओं की पहचान की है, जिनमें माइक्रोफाइनेंस, बालू, शराब, ठेका, शिक्षा, भर्ती, खनन, कांट्रेक्ट कॉलिंग, तबादला-तैनाती, स्वास्थ्य, मिलावट और भू-माफिया शामिल हैं। उन्होंने कहा कि हर श्रेणी के माफिया पर अलग-अलग रणनीति के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि माइक्रोफाइनेंस माफिया से करीब 1.9 करोड़ महिलाएं कर्ज में डूबी हैं। कांग्रेस सरकार बनने पर इन महिलाओं को राहत दी जाएगी और सूदखोरों की संपत्तियों की कुर्की की जाएगी। साथ ही बालू और खनन माफिया पर लगाम कसने के लिए ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा और ठेका व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए ई-निविदा और ऑडिट अनिवार्य होगा।
शिक्षा और भर्ती घोटालों पर बात करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि परीक्षा प्रणाली में फॉरेंसिक ऑडिट और स्वतंत्र निगरानी लागू की जाएगी। वहीं, स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा से जुड़े माफिया पर भी कठोर कार्रवाई होगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस की नीति माफिया के प्रति ‘शून्य सहिष्णुता’ की होगी। डॉ. सिंह ने दो टूक कहा, “माफिया के लिए या तो जेल होगी या जहन्नुम।”
