लखनऊ, 14 जुलाई। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक शक्ति उसके संस्कार, संगठन, शिक्षा और सेवाभाव में निहित होती है। जिन समाजों में वरिष्ठजनों के अनुभवों का सम्मान किया जाता है और युवाओं को सकारात्मक दिशा मिलती है, वे समाज निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर रहते हैं। उन्होंने युवाओं से आत्मनिर्भर बनने और रोजगार मांगने के बजाय रोजगार देने वाला बनने का आह्वान किया।
उप मुख्यमंत्री मंगलवार को भारतीय तैलिक साहू राठौर युवा महासभा के तत्वावधान में आयोजित ‘वरिष्ठ सेवा सम्मान समारोह’ में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि भारतीय तैलिक साहू राठौर युवा महासभा समाज को संगठित करने, शिक्षा को बढ़ावा देने, युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और सामाजिक समरसता स्थापित करने का सराहनीय कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे सामाजिक संगठन सरकार और समाज के बीच मजबूत सेतु का कार्य करते हैं तथा विकास की भावना को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र के साथ समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य समाज के कमजोर, वंचित और जरूरतमंद वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना है।
उप मुख्यमंत्री ने युवाओं से शिक्षा, कौशल विकास, नवाचार और आत्मनिर्भरता को अपनाकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज का युवा केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार उपलब्ध कराने वाला बन सकता है। इसके लिए सरकार की विभिन्न स्वरोजगार और कौशल विकास योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाना चाहिए।
उन्होंने विशेष रूप से खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 का उल्लेख करते हुए कहा कि इस नीति के तहत नई इकाइयों की स्थापना पर 35 प्रतिशत तक पूंजी अनुदान तथा बिना कोलैटरल के पांच लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने युवाओं से इस योजना का लाभ उठाकर उद्यमिता के क्षेत्र में आगे आने और आर्थिक रूप से सशक्त बनने का आह्वान किया।
समारोह में भारतीय तैलिक साहू राठौर युवा महासभा के पदाधिकारियों ने संगठन की सामाजिक गतिविधियों और भावी योजनाओं की जानकारी भी दी।
कार्यक्रम में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य रमाशंकर साहू, पूर्व सांसद राम नारायण साहू, जनप्रतिनिधि, विभिन्न राजनीतिक दलों के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में युवा और समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
