प्रयागराज/लखनऊ, 8 जुलाई। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बुधवार को प्रयागराज में मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत प्रदेश के लगभग 12 लाख शिक्षकों एवं उनके परिवारों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा की महत्वपूर्ण पहल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर लाभार्थियों को प्रतीकात्मक हेल्थ कार्ड (डमी कार्ड) वितरित किए गए।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा योजना का दायरा बढ़ाते हुए इसमें प्रधानाचार्यों, शिक्षकों के साथ-साथ रसोइयों को भी शामिल किया गया है। योजना के अंतर्गत लाभार्थियों एवं उनके आश्रितों को सूचीबद्ध सरकारी एवं निजी अस्पतालों में प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक का कैशलेस एवं निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
प्रयागराज में योजना का शुभारंभ, लाभार्थियों को वितरित किए प्रतीकात्मक हेल्थ कार्ड; कहा- डबल इंजन सरकार हर वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध
उन्होंने कहा कि यह योजना शिक्षा विभाग से जुड़े लाखों परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक ऐतिहासिक और जनकल्याणकारी कदम है।
“डबल इंजन सरकार हर वर्ग के हितों के लिए प्रतिबद्ध”
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि केंद्र और प्रदेश की डबल इंजन सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील और प्रतिबद्ध है। सरकार शिक्षक, कर्मचारी, अधिकारी तथा विभिन्न विभागों से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि कोई भी कर्मचारी अथवा उसका परिवार आर्थिक अभाव के कारण बेहतर चिकित्सा सुविधा से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा योजना इसी संकल्प को साकार करने का माध्यम है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा रहा है। स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश लगातार नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा है।
स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं का किया उत्साहवर्धन
कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा लगाए गए उत्पादों की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह की महिलाएं अपने परिश्रम, कौशल और आत्मनिर्भरता के माध्यम से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
उन्होंने महिलाओं के उत्पादों की गुणवत्ता और नवाचार की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में भी उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर मौजूद अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने भी स्वयं सहायता समूहों के प्रयासों की प्रशंसा की।
जनता दर्शन में सुनीं लोगों की समस्याएं
प्रयागराज स्थित सर्किट हाउस में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ने जनसामान्य की समस्याओं को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना। कार्यक्रम में जनपद सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे।
उन्होंने प्रत्येक फरियादी से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनकी शिकायतों का अवलोकन किया और संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनता दर्शन के दौरान नाली, पेयजल, सड़क निर्माण एवं मरम्मत, विद्युत, राजस्व, आवास, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तथा आर्थिक एवं चिकित्सा सहायता से जुड़े अनेक मामले सामने आए।
उपमुख्यमंत्री ने विशेष रूप से नाली, पानी, सड़क, आर्थिक सहायता और चिकित्सा सहायता से संबंधित मामलों का एक सप्ताह के भीतर प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं का समयबद्ध समाधान प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
संगठनात्मक बैठक में कार्यकर्ताओं से किया संवाद
जनता दर्शन के बाद उपमुख्यमंत्री ने संगठनात्मक बैठक में पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ विभिन्न संगठनात्मक विषयों पर चर्चा की। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव और वार्ड-वार्ड तक पहुंचकर केंद्र एवं प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने तथा पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि संगठन की वास्तविक शक्ति जनता के बीच निरंतर संवाद, सेवा भावना और जनहित के कार्यों से बढ़ती है तथा इसी आधार पर सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा सकता है।
