लखनऊ ज्वैलर्स लूटकांड का खुलासा: 600 CCTV खंगालकर पुलिस ने दबोचे दो शातिर बदमाश, तीसरे की तलाश जारी

लखनऊ ज्वैलर्स लूटकांड का खुलासा: 600 CCTV खंगालकर पुलिस ने दबोचे दो शातिर बदमाश, तीसरे की तलाश जारी

लखनऊ, 06 जुलाई (यूएनएस)। राजधानी लखनऊ के गोसाईंगंज क्षेत्र में सर्राफा कारोबारी को गोली मारकर लाखों रुपये के सोने-चांदी के आभूषण लूटने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा करते हुए दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से लूटे गए आभूषण बरामद किए गए हैं, जबकि वारदात में शामिल तीसरे आरोपी की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

दक्षिणी जोन के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) अमित कुमार आनंद ने सोमवार को बताया कि इस सनसनीखेज वारदात की जांच के लिए पुलिस और सर्विलांस की संयुक्त टीमों का गठन किया गया था। करीब 600 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया।

23 जून को हुई थी वारदात

पुलिस के अनुसार, 23 जून की रात अमेठी निवासी सर्राफा कारोबारी सचिन कुमार वर्मा अपनी मुंशीगंज स्थित दुकान तथा अपने भाई मनीष सोनी की दुकान के सोने-चांदी के आभूषण बैग में रखकर स्कूटी से घर लौट रहे थे। रात करीब 8:30 बजे बंगला भवानी मंदिर के पास बाइक सवार तीन बदमाशों ने उनकी स्कूटी रोक ली और आभूषणों से भरा बैग लूटने का प्रयास किया।

सचिन द्वारा विरोध करने पर बदमाशों ने उनके पैर में गोली मार दी और लाखों रुपये के आभूषणों से भरा बैग लेकर फरार हो गए। घटना के बाद गोसाईंगंज थाने में लूट का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।

600 CCTV और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस से मिली सफलता

डीसीपी अमित कुमार आनंद ने बताया कि पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों के लगभग 600 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाया गया। इसके बाद रविवार देर रात दहेरामऊ अंडरपास के पास घेराबंदी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जौनपुर जिले के सिकरारा थाना क्षेत्र के ककोहिया गांव निवासी शिवम यादव उर्फ कुंदन (24) तथा अंकुल यादव उर्फ गोले (20) के रूप में हुई है। दोनों के कब्जे से लूटे गए सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए हैं।

पढ़े-लिखे निकले आरोपी

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी शिक्षित हैं। शिवम यादव स्नातक होने के साथ एडीसीए (ADCA) कंप्यूटर कोर्स कर चुका है, जबकि अंकुल यादव मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा धारक है।

पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि वे सर्राफा कारोबारियों की कई दिनों तक रेकी करते थे। कारोबारी के आने-जाने का समय और रास्ता तय करने के बाद चोरी की मोटरसाइकिल से वारदात को अंजाम देते थे। यदि पीड़ित विरोध करता था तो उसे गोली मारने से भी पीछे नहीं हटते थे।

कई जिलों में वारदात कबूली

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में सर्राफा कारोबारियों को निशाना बनाने की कई घटनाओं का खुलासा किया है। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने 23 जून को गोसाईंगंज में सर्राफा कारोबारी को गोली मारकर लूट की वारदात की थी। इससे पहले 18 जून को रायबरेली के मिल एरिया थाना क्षेत्र तथा 28 मई को चंदौली के अलीनगर क्षेत्र में भी सर्राफा कारोबारियों को गोली मारकर लूट की घटनाओं को अंजाम दिया था। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल 6 जून को हजरतगंज क्षेत्र से चोरी की गई थी।

तीसरे आरोपी की तलाश जारी

पुलिस ने बताया कि मामले में फरार तीसरे आरोपी सोनू यादव की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ लूट के मुकदमे में आर्म्स एक्ट की धाराएं भी बढ़ाई गई हैं। दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

डीसीपी अमित कुमार आनंद ने कहा कि गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके आपराधिक नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों ने प्रदेश के अन्य जिलों में और कितनी वारदातों को अंजाम दिया है।

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