लखनऊ, 23 जून 2026 (यूएनएस)। राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग एवं एनीमेशन सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में भर्ती घायलों का उपचार लगातार जारी है। मंगलवार को अस्पताल प्रशासन ने बताया कि हादसे में घायल हुए पांच छात्रों की स्थिति में सुधार होने पर उन्हें छुट्टी दे दी गई है, जबकि दो गंभीर रूप से घायल छात्रों का इलाज अभी भी विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में चल रहा है।
केजीएमयू की कुलपति प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन हादसे के प्रत्येक पहलू पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने बताया कि अस्पताल की प्राथमिकता घायलों को सर्वोत्तम उपचार उपलब्ध कराना है। जिन लोगों की मृत्यु हो चुकी है, उनके शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, जबकि घायल छात्रों को बचाने के लिए चिकित्सकों की टीम पूरी क्षमता से जुटी हुई है।
केजीएमयू के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रेम राज सिंह के अनुसार अग्निकांड में 15 छात्रों को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था। वहीं आठ घायल छात्रों को भर्ती किया गया, जिनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। उन्होंने बताया कि एक छात्र के रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट होने की आशंका है, जबकि एक छात्रा के पैर में चोट आई है। प्रारंभिक जांच में अधिकांश मृतकों की मौत दम घुटने के कारण होने की पुष्टि हुई है।
विश्वविद्यालय के प्रवक्ता डॉ. के.के. सिंह ने बताया कि जिन पांच छात्रों को अस्पताल से छुट्टी दी गई है, उनकी चोटें गंभीर नहीं थीं। हालांकि दो छात्र अभी भी चिकित्सकीय निगरानी में हैं। इनमें लवप्रीत नामक छात्रा के बाएं जांघ में चोट आई थी। उसका एक्स-रे कराया गया, जिसमें किसी प्रकार का फ्रैक्चर नहीं पाया गया। परिजनों के पहुंचने के बाद उसे भी जल्द छुट्टी दिए जाने की संभावना है।
दूसरे घायल छात्र जयंत की स्थिति अपेक्षाकृत गंभीर बनी हुई है। बताया जा रहा है कि आग लगने के दौरान जान बचाने के लिए वह ऊपरी मंजिल से कूद गया था। नीचे गिरते समय वह लोहे की एक रॉड पर जा गिरा, जिससे उसकी रीढ़ की हड्डी और नसों को गंभीर क्षति पहुंची। चिकित्सकों के अनुसार फिलहाल उसके शरीर का निचला हिस्सा सुन्न है। रात में किए गए सीटी स्कैन में रीढ़ की हड्डी और तंत्रिकाओं में सूजन तथा चोट के संकेत मिले हैं। उसकी एमआरआई जांच कराई जा रही है, जिसके बाद यह निर्णय लिया जाएगा कि उसका उपचार दवाओं से किया जाएगा या सर्जरी की आवश्यकता पड़ेगी।
इस बीच आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर पहुंचकर घायलों और उनके परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने इस हादसे को अत्यंत दुखद और पीड़ादायक बताते हुए मृतकों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यदि फायर ब्रिगेड के देर से पहुंचने की शिकायतें सही हैं तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
गौरतलब है कि अलीगंज स्थित बहुमंजिला इमारत में सोमवार को लगी भीषण आग में 15 छात्र-छात्राओं की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य घायल हो गए थे। हादसे के बाद प्रदेश सरकार ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर जांच शुरू कर दी है। वहीं प्रशासन ने बिल्डिंग मालिक, कोचिंग संचालक और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कई गिरफ्तारियां भी की हैं। पूरे प्रदेश में इस दर्दनाक हादसे को लेकर शोक और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
