दांबुला, 21 जून 2026। भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत को चौंका दिया है। भारत ए और श्रीलंका ए के बीच खेली गई त्रिकोणीय श्रृंखला के फाइनल मुकाबले में 15 वर्षीय बल्लेबाज ने महज 11 गेंदों में अर्धशतक जड़कर लिस्ट-ए क्रिकेट के इतिहास में सबसे तेज पचासा लगाने का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
वैभव ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से न केवल श्रीलंकाई गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाईं, बल्कि लगभग दो दशक पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। हालांकि वह शतक से मात्र छह रन दूर रह गए, लेकिन उनकी 94 रनों की विस्फोटक पारी ने उन्हें भारतीय क्रिकेट का नया बल्लेबाजी सितारा बना दिया है।
भारत ए को मिली तूफानी शुरुआत
फाइनल मुकाबले में श्रीलंका ए ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। भारत ए की ओर से वैभव सूर्यवंशी और प्रियांश आर्या ने पारी की शुरुआत की और पहले ही ओवर से आक्रामक तेवर दिखाने शुरू कर दिए।
दोनों बल्लेबाजों को शुरुआती दौर में कुछ जीवनदान मिले, जिसका उन्होंने भरपूर फायदा उठाया। वैभव और प्रियांश ने मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट लगाए और मात्र तीन ओवर में टीम का स्कोर 50 रन के पार पहुंचा दिया।
इसके बाद वैभव ने अपना आक्रामक रुख और तेज कर दिया। उन्होंने लगातार चौके और छक्के लगाते हुए सिर्फ 11 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर इतिहास रच दिया।
टूटा 20 साल पुराना विश्व रिकॉर्ड
वैभव सूर्यवंशी अब लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने श्रीलंका के के. वीररत्न का 12 गेंदों में अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया।
लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक (गेंदों के आधार पर):
| खिलाड़ी | गेंदें | मुकाबला | वर्ष |
|---|---|---|---|
| वैभव सूर्यवंशी | 11 | भारत ए बनाम श्रीलंका ए | 2026 |
| के. वीररत्न | 12 | रागमा क्रिकेट क्लब बनाम कुरुनेगला यूथ | 2005-06 |
| एन.एल.टी.सी. परेरा | 13 | श्रीलंका आर्मी बनाम ब्लूमफील्ड | 2020-21 |
| आर.के. क्लेनवेल्ट | 14 | वेस्टर्न प्रोविंस बनाम क्वाजुलु-नेटल | 2010-11 |
| ए.जे. होलिओक | 15 | सरे बनाम यॉर्कशायर | 1994 |
| सलमान बट | 15 | नेशनल बैंक ऑफ पाकिस्तान बनाम लाहौर ईगल्स | 2008-09 |
शतक से चूके, लेकिन दिल जीत लिया
वैभव सूर्यवंशी शतक की ओर तेजी से बढ़ रहे थे, लेकिन श्रीलंका ए के गेंदबाज साहन आराचिघे ने उनकी विस्फोटक पारी पर विराम लगा दिया। वैभव ने केवल 29 गेंदों में 94 रन बनाए, जिसमें 10 चौके और 8 गगनचुंबी छक्के शामिल रहे।
उनका स्ट्राइक रेट 324 से भी अधिक रहा। उन्होंने प्रियांश आर्या के साथ पहले विकेट के लिए मात्र 53 गेंदों में 132 रनों की साझेदारी कर भारत ए को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।
अंतरराष्ट्रीय पदार्पण का दावा हुआ और मजबूत
वैभव सूर्यवंशी को 26 जून से आयरलैंड के खिलाफ होने वाली दो टी-20 मैचों की श्रृंखला के लिए पहली बार भारतीय सीनियर टीम में शामिल किया गया है। फाइनल मुकाबले में उनकी रिकॉर्डतोड़ पारी ने अंतरराष्ट्रीय पदार्पण की दावेदारी को और मजबूत कर दिया है।
भारतीय चयनकर्ताओं ने आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ आगामी टी-20 श्रृंखला के लिए उन्हें टीम में जगह दी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि क्या 15 वर्षीय यह बल्लेबाज अंतिम एकादश में स्थान बना पाएगा।
यदि वैभव को पदार्पण का अवसर मिलता है, तो वह भारत के लिए सबसे कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ी बन सकते हैं और इस मामले में महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ सकते हैं।
आईपीएल की चमक अब अंतरराष्ट्रीय मंच तक
वैभव सूर्यवंशी ने इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में भी शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने 16 मुकाबलों में 237.31 की स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाए थे और पूरे सत्र में 72 छक्के लगाए थे।
हालांकि श्रीलंका दौरे की शुरुआत उनके लिए उतनी सफल नहीं रही थी। फाइनल से पहले चार मैचों में उन्होंने 14, 44, 21 और 38 रन बनाए थे। ऐसे में क्रिकेट विशेषज्ञ लगातार चर्चा कर रहे थे कि आईपीएल वाला विस्फोटक वैभव कब देखने को मिलेगा।
फाइनल में खेली गई उनकी 94 रनों की पारी ने सभी सवालों का जवाब दे दिया। उन्होंने साबित कर दिया कि वह केवल प्रतिभाशाली खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि बड़े मंच पर दबाव झेलने और मैच का रुख बदलने की क्षमता भी रखते हैं।
भारतीय क्रिकेट को लंबे समय बाद ऐसा युवा बल्लेबाज मिला है जिसने इतनी कम उम्र में विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। अब क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें आयरलैंड दौरे पर टिकी हैं, जहां वैभव सूर्यवंशी अपने अंतरराष्ट्रीय सफर की शुरुआत कर इतिहास रच सकते हैं।
