लखनऊ, 19 जून 2026 (यूएनएस)। राम मंदिर निर्माण से जुड़ी भूमि खरीद और चढ़ावा प्रबंधन को लेकर चल रहे विवाद के बीच आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद एवं वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि मंदिर परिसर के आसपास खरीदी गई जमीनों के सौदों में भारी वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं और कई भूखंडों को बाजार मूल्य से कई गुना अधिक कीमत पर खरीदा गया।
लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता में संजय सिंह ने आरोप लगाया कि 16 नवंबर 2023 को ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय द्वारा शाहनवाजपुर क्षेत्र की 117 बिस्वा भूमि लगभग 55.47 करोड़ रुपये में खरीदी गई, जबकि उसकी वास्तविक कीमत करीब नौ करोड़ रुपये थी। उन्होंने दावा किया कि इस भूमि सौदे से जुड़े दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
आप सांसद ने कहा कि राम मंदिर क्षेत्र के विकास के लिए अधिग्रहित की गई भूमि के किसानों को लगभग 4.40 लाख रुपये प्रति बिस्वा के हिसाब से मुआवजा दिया गया, जबकि ट्रस्ट ने कथित रूप से दूसरी भूमि के लिए लगभग 47 लाख रुपये प्रति बिस्वा की दर से भुगतान किया। उनके अनुसार यदि दोनों भूमि एक ही क्षेत्र में स्थित हैं तो मूल्य में इतना बड़ा अंतर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
संजय सिंह ने राज्य सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की निष्पक्षता पर भी प्रश्न उठाए। उन्होंने कहा कि वह एसआईटी अधिकारियों से समय लेकर अपने पास उपलब्ध सभी दस्तावेज सौंपेंगे। उन्होंने मांग की कि भूमि खरीद से जुड़े मामलों की जांच उच्चतम न्यायालय की निगरानी में समयबद्ध तरीके से कराई जाए तथा वर्ष 2020 से 2024 के बीच ट्रस्ट में सरकार द्वारा नामित सदस्यों की भूमिका की भी जांच हो।
प्रेस वार्ता के दौरान संजय सिंह ने चढ़ावा राशि में कथित गड़बड़ियों और जांच प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चढ़ावा प्रकरण में अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है, जबकि एसआईटी जांच चल रही है। उनका आरोप था कि जांच पूरी होने से पहले कुछ लोगों को क्लीन चिट दिए जाने की चर्चा भी सामने आई है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
आप नेता ने आरोप लगाया कि भूमि खरीद और चढ़ावा प्रबंधन से जुड़े मामलों में व्यापक स्तर पर अनियमितताएं हुई हैं और यदि निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि मामले में जवाबदेही तय होना आवश्यक है ताकि श्रद्धालुओं की आस्था और दान की राशि के उपयोग को लेकर पारदर्शिता बनी रहे।
हालांकि संजय सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, भारतीय जनता पार्टी अथवा संबंधित सरकारी अधिकारियों की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी फिलहाल नहीं हो सकी है।
राजनीतिक और कानूनी हलकों में इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। ऐसे समय में जब राम मंदिर से जुड़े वित्तीय मामलों की जांच विभिन्न स्तरों पर चर्चा का विषय बनी हुई है, भूमि खरीद संबंधी नए आरोपों ने विवाद को और अधिक गहरा कर दिया है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि संबंधित एजेंसियां और ट्रस्ट इन आरोपों पर क्या रुख अपनाते हैं तथा जांच प्रक्रिया आगे किस दिशा में बढ़ती है।
