गोंडा, 19 जून 2026 (यूएनएस)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को गोंडा दौरे के दौरान विकास परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए जनप्रतिनिधियों की भागीदारी को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सांसद और विधायक स्थानीय जरूरतों को बेहतर तरीके से जानते हैं, इसलिए विकास परियोजनाओं की प्राथमिकताएं उनके सुझावों के आधार पर तय की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने देवीपाटन और बस्ती मंडल के विभिन्न जिलों से प्राप्त प्रस्तावों की समीक्षा करते हुए 4901.65 करोड़ रुपये की लागत वाली एक हजार से अधिक विकास परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की।
महाराजा सुहेलदेव सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग की योजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण देखा। उन्होंने गोंडा, बलरामपुर, बहराइच, श्रावस्ती, बस्ती, सिद्धार्थनगर और संतकबीरनगर जिलों से जुड़े सड़क, पुल और संपर्क मार्गों के प्रस्तावों पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने जनप्रतिनिधियों से विकास कार्यों की प्रगति और क्षेत्रीय आवश्यकताओं की जानकारी भी ली।
मुख्यमंत्री ने देवीपाटन मंडल स्थित प्रसिद्ध मां पाटेश्वरी शक्तिपीठ, स्वामीनारायण मंदिर, मखौड़ा धाम तथा अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंच को सुगम बनाने के लिए 13 महत्वपूर्ण मार्गों के विकास को मंजूरी दी। उन्होंने कहा कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए संपर्क मार्गों का सुदृढ़ीकरण आवश्यक है।
बैठक में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 810 परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई। इन योजनाओं पर लगभग 1472.83 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इनके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में 1602 किलोमीटर लंबी नई और बेहतर सड़कें विकसित की जाएंगी, जिससे गांवों की मुख्य मार्गों से कनेक्टिविटी मजबूत होगी। इसके अलावा कई जर्जर सड़कों के चौड़ीकरण और पुनर्निर्माण के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।
मुख्यमंत्री ने दो राज्य राजमार्गों के विकास, औद्योगिक क्षेत्रों की बेहतर कनेक्टिविटी, 81 लघु सेतु और सात बड़े पुलों के निर्माण कार्यों को भी स्वीकृति प्रदान की। शहरी क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए बाईपास मार्गों और ओवरब्रिज निर्माण संबंधी परियोजनाओं को भी हरी झंडी दी गई। उन्होंने सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए।
योगी आदित्यनाथ ने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए लगभग 50-50 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं का प्रस्तुतीकरण देखा और अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, उन्हें समयबद्ध तरीके से पूरा कराया जाए। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए और परियोजनाओं की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में 12 हेलीपैड निर्माण प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई। इसके अलावा हरदौपट्टी संपर्क मार्ग, कटरा बाजार क्षेत्र के कई संपर्क मार्गों, सुभानपुर-बेलवानोहर मार्ग के चौड़ीकरण तथा अन्य महत्वपूर्ण सड़कों के मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से गड्ढामुक्त अभियान की स्थिति की जानकारी लेते हुए निर्देश दिया कि बरसात के मौसम में सड़कें सुरक्षित और सुगम बनी रहें। उन्होंने लंबित परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने और विकास कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग अजय चौहान, देवीपाटन मंडल की मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल, बस्ती मंडल के मंडलायुक्त अखिलेश सिंह, जिलाधिकारी गोंडा प्रियंका निरंजन, पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल सहित लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न क्षेत्रों के जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
