सितारगंज सेंट्रल जेल में बंदी पर चार कैदियों ने जानलेवा हमला, पीड़ित बंदी की तहरीर पर पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

सितारगंज, RNN संवाददाता, 17 जून। केंद्रीय कारागार सितारगंज में बंदियों के बीच खूनी संघर्ष और जेल के भीतर बड़ी साजिश का का आरोप लगाते हुए बंदी ने चार कैदियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। जेल में बंद एक सिद्धदोष बंदी वाजिद अली उर्फ बबलू का आरोप है कि चार दबंग बंदियों ने जानलेवा हमला कर उसे मरणासन्न कर दिया।

गंभीर रूप से घायल बंदी के सिर में 6 टांके आए हैं। हद तो तब हो गई जब जमानत पर रिहा हो रहे और कोर्ट पेशी पर जा रहे आरोपियों ने पीड़ित बंदी के साथ-साथ जेल अधिकारियों (साहब) को भी ‘इलाज’ करने और जान से मारने की खुली धमकी दे डाली।

​जेल में बंद पीड़ित बंदी वाजिद अली उर्फ बबलू ने पुलिस को भेजी हस्तलिखित तहरीर में कहा है कि तीन जून को जब वह नहाने के बाद अहाते में गया, तो आरोपी राबिश उसे बहला-फुसलाकर पानी की टंकी के पास ले गया। वहां पहले से घात लगाए बैठे देवेंद्र सिंह उर्फ बाऊ, मानवदीप उर्फ मानव और गौरव उर्फ गोपाल ने उसे घेर लिया।

चारों ने जान से मारने की नीयत से लात-घूसों और हाथ में पहने कड़े से बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। आरोपी देवेंद्र उर्फ बाऊ ने पानी की टंकी का लोहे का वाल्व उखाड़कर उसके सिर पर दे मारा। वार इतना जोरदार था कि वाजिद लहूलुहान होकर वहीं बेहोश हो गया।

जिसमें वह गम्भीर रूप से घायल हो गया। जेल प्रशासन ने आनन-फानन में उसे जेल अस्पताल पहुंचाया। जहां से हालत गंभीर होने पर उसे हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर किया गया।

वहां उसके सिर में छह टांके आए। घटना के बाद सुरक्षा के लिहाज से जेल प्रशासन ने पीड़ित वाजिद को दूसरे अहाते में शिफ्ट कर दिया है। कोतवाल सुंदरम शर्मा के अनुसार जेल प्रशासन के माध्यम से वाहिद की तहरीर के आधार पर बंदी देवेंद्र सिंह उर्फ बाऊ, राविश , मानवदीप, गौरव उर्फ गोपाल के खिलाफ मंगलवार को मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

उधर, वरिष्ठ जेल अधीक्षक अनुराग मलिक ने बताया कि घटना की सूचना उच्च अधिकारियों को दे दी गई है। घायल बंदी का उपचार कराया गया है और आरोपित बंदियों के खिलाफ जेल नियमावली के तहत आवश्यक कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जेल के भीतर हुई इस घटना ने एक बार फिर कारागारों में बंदियों की सुरक्षा और जेल के अंदर सक्रिय आपराधिक गतिविधियों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस और जेल प्रशासन अब मामले की गहन जांच में जुटे हैं।

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