नई दिल्ली, 1 जून 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को म्यांमार के राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग के साथ व्यापक द्विपक्षीय वार्ता की। बैठक में व्यापार, संपर्क, सीमा सुरक्षा, रक्षा सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।
राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग पांच दिवसीय भारत यात्रा पर हैं। राष्ट्रपति बनने के बाद उनकी यह पहली भारत यात्रा है। दोनों नेताओं के बीच हैदराबाद हाउस में हुई बातचीत में भारत-म्यांमार संबंधों को और मजबूत बनाने तथा विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद हाउस में म्यांमार के राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग का स्वागत किया और दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने पर विचार-विमर्श किया।
म्यांमार भारत का एक महत्वपूर्ण पड़ोसी देश है, जिसकी भारत के पूर्वोत्तर राज्यों, विशेषकर नागालैंड और मणिपुर के साथ लगभग 1,640 किलोमीटर लंबी सीमा लगती है। दोनों देशों के बीच सुरक्षा, सीमा प्रबंधन और कनेक्टिविटी के मुद्दे रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
इससे पहले रविवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने भी म्यांमार के राष्ट्रपति से मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की थी।
राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग के साथ एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है, जिसमें कई मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल हैं। मंगलवार को वह मुंबई का दौरा करेंगे, जहां उद्योग और व्यापार क्षेत्र के प्रतिनिधियों से मुलाकात करने के साथ विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।
भारत और म्यांमार के बीच यह उच्चस्तरीय वार्ता ऐसे समय में हुई है जब दोनों देश क्षेत्रीय संपर्क, आर्थिक सहयोग और सीमा सुरक्षा को और मजबूत बनाने की दिशा में प्रयासरत हैं।
