लखनऊ, 1 जून 2026 (यूएनएस)। उत्तर प्रदेश के नवनियुक्त पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीते एक वर्ष के दौरान पुलिस विभाग की उपलब्धियों और चुनौतियों का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत प्रभावी कार्रवाई की गई, जिससे परंपरागत अपराधों में कमी दर्ज हुई है, हालांकि साइबर अपराधों के मामलों में वृद्धि चिंता का विषय बनी हुई है।
राजीव कृष्ण ने बताया कि एक जून 2025 को कार्यवाहक डीजीपी का दायित्व संभालने के बाद पुलिस विभाग ने तय लक्ष्यों के अनुरूप कार्य किया। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा को मजबूत करने के लिए मिशन शक्ति अभियान के तहत सभी थानों में शक्ति केंद्र स्थापित किए गए, जहां महिलाओं की शिकायतें सुनने और उनका समाधान करने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती की गई है। कार्रवाई के बाद शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लेने की व्यवस्था भी विकसित की गई है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों में कमी दर्ज की गई है तथा थाने और चौकी स्तर पर शिकायतों के निस्तारण की जवाबदेही तय की गई है। साइबर अपराधों से निपटने के लिए केंद्र सरकार के सहयोग से उन्नत स्तर का संस्थान विकसित किया जा रहा है। इस दिशा में अब तक 62 हजार पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
डीजीपी ने बताया कि ‘यक्ष’ एप के माध्यम से एक लाख से अधिक पुलिसकर्मी जुड़े हुए हैं। इसी एप की मदद से 32 वर्षों से फरार एक अपराधी को भी गिरफ्तार किया गया। साइबर अपराध से जुड़ी कार्रवाई के तहत लगभग 450 करोड़ रुपये की धनराशि सीज की गई है।
सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय सुधार का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि पहली बार सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली मौतों में कमी दर्ज की गई है। उनके अनुसार, सड़क हादसों में 7.5 प्रतिशत और दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में 11.5 प्रतिशत की कमी आई है।
राजीव कृष्ण ने बताया कि हाल ही में लागू नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। त्वरित और पारदर्शी न्याय सुनिश्चित करने के लिए 60 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करने, डिजिटल साक्ष्यों के उपयोग और ई-समन प्रणाली को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि संगठित अपराध और माफियाओं के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही आतंकवाद के बदलते स्वरूप पर चिंता जताते हुए कहा कि सोशल मीडिया और ऑनलाइन माध्यमों का इस्तेमाल कर युवाओं को प्रभावित करने की कोशिशें बढ़ी हैं, जिन पर पुलिस की विशेष नजर है।
नवनियुक्त डीजीपी ने कहा कि प्रदेश पुलिस तकनीक, प्रशिक्षण और जवाबदेही के आधार पर कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में लगातार कार्य करती रहेगी।
