मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला, ‘सार्थक-पीडीएस’ योजना से 80 करोड़ राशन कार्ड धारकों को मिलेगा लाभ

नई दिल्ली, 28 मई 2026 (यूएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया गया। केंद्र सरकार ने ‘सार्थक-पीडीएस’ योजना को मंजूरी दी है, जिस पर करीब 25,530 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस योजना का सीधा लाभ देश के लगभग 80 करोड़ राशन लाभार्थियों को मिलेगा।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट बैठक के बाद जानकारी देते हुए बताया कि सरकार देश में चल रही राशन वितरण व्यवस्था को और अधिक मजबूत, डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि ‘सार्थक-पीडीएस’ योजना के तहत तीन बड़े बदलाव किए गए हैं।

पहला बड़ा फैसला राज्यों को आर्थिक सहायता देने का है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के बड़े गोदामों से जिलों, ब्लॉकों और राशन दुकानों तक अनाज पहुंचाने में राज्य सरकारों को वित्तीय कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। अब केंद्र सरकार इस परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए राज्यों को आर्थिक सहयोग देगी।

दूसरा अहम फैसला राशन डीलरों के कमीशन में बढ़ोतरी को लेकर लिया गया है। अश्विनी वैष्णव ने कहा कि राशन दुकानदार लंबे समय से कमीशन बढ़ाने की मांग कर रहे थे। सरकार ने उनकी मांग को स्वीकार करते हुए डीलरों की आय बढ़ाने का निर्णय लिया है, जिससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और बेहतर तरीके से संचालित किया जा सके।

तीसरे बदलाव के तहत पूरी राशन व्यवस्था में आधुनिक तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग किया जाएगा। अब पीडीएस लाभार्थियों का पंजीकरण एआई आधारित तकनीक के माध्यम से किया जाएगा, जिससे फर्जीवाड़े पर रोक लगाने और पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में मदद मिलेगी। सरकार का लक्ष्य राशन वितरण प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाना है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार इस बड़े बजट के जरिए न केवल राशन वितरण की लागत वहन करेगी, बल्कि तकनीकी सुधारों के माध्यम से व्यवस्था को अधिक प्रभावी और जवाबदेह भी बनाएगी।

बैठक में देश के कई हिस्सों में पड़ रही भीषण गर्मी और लू की स्थिति पर भी चर्चा हुई। अश्विनी वैष्णव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी मंत्रालयों और विभागों को समन्वय के साथ काम करने और “पूरे राष्ट्र की भावना” के तहत राहत उपायों को लागू करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, जल संसाधन और अन्य संबंधित विभागों के स्तर पर लू से प्रभावित लोगों को राहत देने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के उपायों पर विशेष चर्चा की गई। सरकार का फोकस नागरिकों को राहत पहुंचाने और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर है

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