अनुराग कश्यप की ‘बंदर’ पर छिड़ी बहस, सोशल मीडिया दो हिस्सों में बंटा

मुंबई, 26 मई 2026। अनुराग कश्यप की आगामी फिल्म बंदर का ट्रेलर रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर तीखी बहस शुरू हो गई है। फिल्म में बॉबी देओल मुख्य भूमिका में नजर आ रहे हैं। ट्रेलर के सामने आने के बाद फिल्म के विषय और उसके सामाजिक संदेश को लेकर लोगों की राय बंटी हुई दिखाई दे रही है।

फिल्म को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या समाज में पुरुषों की भावनाओं और मानसिक संघर्षों को गंभीरता से नहीं लिया जाता, या फिर पुरुषों को मिलने वाली आलोचना और सामाजिक व्यवहार को जायज माना जाना चाहिए।

अनुराग कश्यप की फिल्मों की तरह ही “बंदर” शीर्षक को भी प्रतीकात्मक माना जा रहा है। ट्रेलर देखने के बाद दर्शकों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि फिल्म समाज में पुरुषों के मानसिक और भावनात्मक संघर्षों को किस नजरिए से पेश करेगी।

इस बीच मेंस राइट्स और समान अधिकारों के मुद्दों पर मुखर रहने वाली सोशल एक्टिविस्ट दीपिका नारायण भारद्वाज फिल्म के समर्थन में सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि झूठे मुकदमों और आरोपों के कारण कई पुरुष मानसिक रूप से टूट जाते हैं, लेकिन समाज अक्सर उनकी पीड़ा को गंभीरता से नहीं लेता।

दीपिका ने कहा कि पुरुषों के इमोशनल एब्यूज, सामाजिक अपमान, मानसिक तनाव और डिप्रेशन का मजाक उड़ाना आज सामान्य बात बन गई है। उनके अनुसार, यही वजह है कि “बंदर” जैसी फिल्मों का बनना और बड़े पर्दे पर आना जरूरी है।

वहीं दूसरी ओर फिल्म निर्देशक रुचि नरेन ने दीपिका के विचारों से असहमति जताई है। उनका कहना है कि बॉलीवुड में पुरुष कलाकारों और उनके पक्ष को हमेशा जगह मिलती रही है, जबकि महिलाओं के मामलों में अक्सर उन्हें इंडस्ट्री और लाइमलाइट से बाहर कर दिया जाता है।

फिल्म को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार बहस जारी है। कुछ लोग इसे पुरुषों के मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक दबावों पर जरूरी चर्चा बता रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि इससे महिलाओं के संघर्षों को कमतर दिखाने की कोशिश हो सकती है।

फिलहाल ट्रेलर ने दर्शकों के बीच उत्सुकता जरूर बढ़ा दी है और अब सभी की नजर फिल्म की रिलीज पर टिकी है।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *