भारत-अमेरिका वार्ता में एस. जयशंकर ने रखा पांच सूत्रीय एजेंडा, संवाद और सुरक्षित समुद्री व्यापार पर जोर

नई दिल्ली, 24 मई 2026 (यूएनएस)। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रविवार को अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो के साथ हुई प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद भारत का पांच सूत्रीय वैश्विक दृष्टिकोण दुनिया के सामने रखा। उन्होंने कहा कि भारत संघर्षों के समाधान के लिए कूटनीतिक संवाद का समर्थक है और सुरक्षित एवं निर्बाध समुद्री व्यापार को वैश्विक स्थिरता के लिए बेहद अहम मानता है।

नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में जयशंकर ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच लगातार रणनीतिक संवाद बना हुआ है। उन्होंने कहा कि मार्को रूबियो की यह पहली भारत यात्रा है, लेकिन पदभार संभालने के बाद से दोनों देशों के बीच लगातार संपर्क और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बातचीत होती रही है।

विदेश मंत्री ने कहा कि भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी साझा राष्ट्रीय हितों पर आधारित है। उन्होंने वैश्विक मुद्दों पर भारत का पांच सूत्रीय एजेंडा बताते हुए कहा कि भारत संवाद और कूटनीति के जरिए संघर्षों के समाधान का पक्षधर है, अंतरराष्ट्रीय कानूनों के सख्त पालन की वकालत करता है और समुद्री व्यापार को सुरक्षित एवं बाधारहित बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

जयशंकर ने कहा कि भारत बाजार हिस्सेदारी और संसाधनों को “हथियार” की तरह इस्तेमाल करने का विरोध करता है। उन्होंने भरोसेमंद साझेदारियों और मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाओं को वैश्विक अर्थव्यवस्था की स्थिरता के लिए जरूरी बताया।

वार्ता के दौरान पश्चिम एशिया, यूक्रेन संकट, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र और भारतीय उपमहाद्वीप की मौजूदा परिस्थितियों पर भी चर्चा हुई। जयशंकर ने कहा कि 26 मई को होने वाली क्वाड बैठक में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र प्रमुख एजेंडा रहेगा।

उन्होंने हाल ही में नवीनीकृत 10 वर्षीय रक्षा साझेदारी समझौते और पानी के नीचे डोमेन जागरूकता से जुड़े रोडमैप का भी उल्लेख किया। विदेश मंत्री ने कहा कि “मेक इन इंडिया” दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए रक्षा सहयोग को और मजबूत किया जाएगा।

आर्थिक सहयोग के मुद्दे पर जयशंकर ने बताया कि भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते को जल्द अंतिम रूप देने पर चर्चा हुई है, जो भविष्य में व्यापक व्यापार समझौते का आधार बनेगा। ऊर्जा सुरक्षा, परमाणु सहयोग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।

आतंकवाद के मुद्दे पर जयशंकर ने दोहराया कि भारत की नीति “शून्य सहिष्णुता” की है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की एजेंसियां आतंकवाद और अवैध नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ मिलकर काम कर रही हैं। साथ ही उन्होंने 26/11 मुंबई हमलों के एक प्रमुख साजिशकर्ता के प्रत्यर्पण का भी उल्लेख किया।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *