नई दिल्ली, 23 मई 2026 (यूएनएस)। एनसीडब्ल्यू ने उत्तर प्रदेश के कुशीनगर की एक किशोरी की निर्मम हत्या के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए स्वतः संज्ञान लिया है। किशोरी का सिर कटा और क्षत-विक्षत शव लखनऊ के गोमती नगर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के डिब्बे से बरामद होने के बाद देशभर में सनसनी फैल गई थी।
आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर मामले की तत्काल, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने सात दिनों के भीतर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) भी तलब की है।
कुशीनगर की किशोरी की निर्मम हत्या पर राष्ट्रीय महिला आयोग ने लिया स्वतः संज्ञान
एनसीडब्ल्यू ने कहा कि मीडिया रिपोर्टों में इस हत्याकांड के पीछे कथित ऑनर किलिंग या घृणा अपराध की आशंका जताई गई है। आयोग ने प्राथमिकी में लगाई गई धाराओं, आरोपियों की गिरफ्तारी, पूछताछ की स्थिति और हत्या में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी सहित कई बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी मांगी है।
आयोग ने सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, फॉरेंसिक साक्ष्यों और अन्य डिजिटल जांच से जुड़े तथ्यों की भी रिपोर्ट तलब की है। साथ ही पीड़िता के परिवार के अन्य सदस्यों और संभावित गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा गया है।
पुलिस के अनुसार, 17 मई को छपरा-गोमती नगर एक्सप्रेस के एक डिब्बे में रखे बक्से से 15 वर्षीय किशोरी का धड़ बरामद हुआ था, जबकि बाद में उसका सिर कुशीनगर के एक तालाब से मिला। पुलिस ने बताया कि हाथ और पैर अलग-अलग पॉलिथीन बैग में रखे गए थे।
जांच में सामने आया है कि किशोरी के अंतरधार्मिक संबंध के शक में उसके पिता ने कथित तौर पर अपनी बहन और बहनोई के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने पहले बेटी के साथ मारपीट की और बाद में परिवार के अन्य सदस्यों को घर से बाहर भेजकर वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ इस तरह की बर्बर हिंसा किसी भी हालत में स्वीकार नहीं की जा सकती और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
