नयी दिल्ली, 16 मई 2026। राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और दूध की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वर्षों के इंतजार के बाद अब देश में “अच्छे दिन” आ गए हैं।
कपिल सिब्बल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल से पहले डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया लगभग 58 के स्तर पर था, जो अब गिरकर 95 तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल के दाम में तीन रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है, जबकि डीजल, सीएनजी और दूध की कीमतें भी लगातार बढ़ रही हैं।
उन्होंने कहा, “मैं प्रधानमंत्री से पूछना चाहता हूं कि 12 वर्षों से जिन अच्छे दिनों का इंतजार कराया गया, क्या यही वे अच्छे दिन हैं?”
सिब्बल ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव और तेल संकट का जिक्र करते हुए कहा कि 28 फरवरी को अमेरिका द्वारा ईरान पर हमले के बाद से हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति प्रभावित होने के कारण भारत को आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सरकार को पहले से हालात की जानकारी थी तो चुनाव के समय इस विषय पर चर्चा क्यों नहीं की गई। उन्होंने कहा कि चुनाव खत्म होने के बाद अब ईंधन बचत और कटौती की बातें की जा रही हैं।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यदि सरकारी काफिलों में गाड़ियों की संख्या कम की जा रही है तो इसका मतलब है कि पहले उनकी आवश्यकता नहीं थी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री और मंत्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी दत्तात्रेय होसबोले के बयान पर भी कपिल सिब्बल ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि कोई अन्य व्यक्ति भारत-पाकिस्तान वार्ता की बात करता तो उसे “राष्ट्रविरोधी” कह दिया जाता, लेकिन जब यही बात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेता कहते हैं तो उसे सही माना जाता है।
सिब्बल ने कहा, “अब तो हम भी कह सकते हैं कि बातचीत होनी चाहिए, क्योंकि हमें भी छूट मिल गई है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि देश के भविष्य और आर्थिक स्थिति को लेकर गंभीर चिंतन की बजाय केवल बयानबाजी की जा रही है, जिसका असर आम जनता पर महंगाई के रूप में दिखाई दे रहा है।
