गोरखपुर। उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा है कि वर्ष 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर राज्य में पुरानी पेंशन योजना फिर से लागू की जाएगी। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव शिक्षकों के साथ खड़े हैं और उनकी सभी समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
माता प्रसाद पांडेय गुरुवार को गोरखपुर के सिविल लाइंस स्थित एक निजी अतिथि भवन में आयोजित उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ठकुराई गुट के 63वें प्रदेशीय वार्षिक महाधिवेशन को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि शिक्षामित्रों के वेतन वृद्धि का श्रेय भाजपा सरकार ले रही है, जबकि यह निर्णय न्यायालय के आदेश के तहत लागू किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के बजाय उनका उत्पीड़न कर रही है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि शिक्षकों के सामने लगातार नई चुनौतियां खड़ी हो रही हैं और उन्हें स्वतंत्र रूप से काम नहीं करने दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि माध्यमिक शिक्षा अधिनियम में कहीं भी यह प्रावधान नहीं है कि शिक्षकों से जनगणना कराई जाए, लेकिन सरकार शिक्षकों पर अतिरिक्त कार्यों का बोझ डाल रही है।
उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के 41 हजार प्राथमिक विद्यालयों में चालू शैक्षिक सत्र में अब तक एक भी प्रवेश नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों के भविष्य को लेकर गंभीर नहीं है।
माता प्रसाद पांडेय ने कहा, “जिस देश की शिक्षा व्यवस्था कमजोर हो जाती है, वह देश गुलाम हो जाता है। आज शिक्षक भय के माहौल में काम कर रहे हैं। भयभीत शिक्षक न तो अपने अधिकारों के लिए लड़ सकता है और न ही अपनी अस्मिता की रक्षा कर सकता है।”
महाधिवेशन में शिक्षकों ने कई मांगें भी उठाईं। इनमें पुरानी पेंशन योजना की बहाली, कैशलेस चिकित्सा व्यवस्था लागू करने, सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों का राजकीयकरण तथा शिक्षकों की सेवा सुरक्षा बहाल करने की मांग प्रमुख रही।
कार्यक्रम में सम्मेलन संयोजक हीरालाल प्रसाद गौड़, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. जयप्रकाश नायक, प्रो. चितरंजन मिश्र, पूर्व कुलपति प्रो. रजनीकांत पांडेय, प्रो. एसपी त्रिपाठी, श्रीनिवास शुक्ल और अरविंद त्रिपाठी समेत बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।
